OPINION: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सक्रिय राजनीति में तकरीबन तीन दशक से हैं। राजनीति के साथ ही वह गोरखनाथ मठ के महंत भी हैं। गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ काफी लोकप्रिय है। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले भी योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में काफी लोकप्रिय थे। लंबे समय तक वह लोकसभा सांसद रहे। बतौर सांसद उन्होंने गोरखपुर के विकास को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। लेकिन बतौर सांसद उनकी सीमाएं काफी सीमित थी, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है।
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का बाद गोरखपुर में विकास की रफ्तार काफी तेज हुई और पूरे शहर की तस्वीर बदल गई है। स्वास्थ्य सेक्टर से लेकर शिक्षा, रोजगार, सड़क, उद्योग हर क्षेत्र में गोरखपुर नई दिशा में आगे बढ़ चुका है। अगर कोई 10 साल पहले गोरखपुर गया हो और वह अब गोरखपुर जाए तो उसे शायद गोरखपुर पहचान में भी ना आए। गोरखपुर पहुंचते ही बेहतरीन ब्रिज, पुल, चौड़ी सड़कों का जाल देखने को मिलता है।

गोरखपुर में एम्स, मेडिकल कॉलेज, चार विश्वविद्यालय हैं, जोकि शहर में बदलाव की तस्वीर को बयां कर रहे हैं। इसके साथ ही पेप्सिको, अमोनिया प्लांट लग चुके हैं, इसके साथ ही कई संयंत्र को भी लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए गोरखपुर को भी बसाने का काम तेजी से चल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में गोरखपुर नई पहचान स्थापित कर रहा है। यहां एम्स, मेडिकल कॉलेज, दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने छात्रों के सामने बेहतरीन विकल्प देने का काम किया है।
शहर में कुछ प्रमुख प्रोजेक्ट की बात करें तो यहां 8063 करोड़ की लागत से खाद का कारखाना, 1011 करोड़ की लागत से एम्स, 300 करोड़ की लागत से आयुष विश्वविद्यालय, 375 करोड़ की लागत से पिपराइच चीनी मिल, 260 करोड़ की लागत से चिड़ियाघर को स्थापित किया गया है। इसके साथ ही हजारों करोड़ की और परियोजनाओं को रफ्तार दी गई है। यही नहीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में गोरखपुर को पौने दो लाख करोड़ के प्रोजेक्ट के प्रस्ताव मिले है। पिछले छह वर्षों में यहां धरातल पर औद्योगिक निवेश 15 हजार करोड़ को पार कर दिया गया है।


Click it and Unblock the Notifications