उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पिछले सात वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार की ओर से लिए गए फैसलों का असर स्पष्ट तौर पर देखने को मिल रहा है।
प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के चलते निवेश में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। देश और दुनिया की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश प्रदेश में निवेश कर रही हैं। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को देश अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान देने वाला प्रदेश बनाना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।

ऐसे में निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने में किसी भी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए सरकार जल्द से जल्द निवेशकों की समस्याओं का निपटारा कर रही है। इसके लिए सरकार गुजरात की तर्ज पर उद्योग बंधु को वैधानिक दर्जा दिया गया है।
इस योजना के तहत 50 करोड़ रुपए तक के निवेश प्रस्तावों को जिला स्तरीय समिति, 100 करोड़ रुपए तक के प्रस्तावों को मंडल स्तरीय समिति और इससे ऊपर के निवेश प्रस्तावों को राज्य स्तरीय समिति हल करेगी सरकार की इस पहल का लक्ष्य निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा मुहैया कराना है।
सरकार की इस मुहिम से तय समय के भीतर निवेशकों की समस्या का समाधान होगा। माना जा रहा है कि एक हफ्ते के भीतर निवेशकों की समस्या का हल कर दिया जाएगा। सरकार इस योजना के तहत जिस जिले में निवेश हो रहा है उसी जिले में निवेश से जुड़ी हर समस्या का हल उसी जिले में देना है ताकि निवेशक लो बार-बार लखनऊ ना दौड़ना पड़े।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग इस बाबत सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करेगा। इस योजना को वैधानिक मान्यता मिलने के बाद जिला स्तर पर उद्योग बंधु और मंडल स्तरीय उद्योग बंधु को नियुक्त किया जाएगा और उन्हें अधिकार दिए जाएंगे।
दरअसल उद्योग बंधुओं के पास किसी भी तरह का अधिकार नहीं है जिसकी वजह से ये निवेशकों की समस्या का हल नहीं कर सकते थे। यही वजह है कि छोटे-छोटे मामलों में उन्हें राज्य स्तरीय समिति के पास जाना पड़ता था। लेकिन जिला स्तरीय और मंडल स्तरीय उद्योग बंधु को अधिकार मिलने के बाद निवेशकों के साथ सहयोग नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।


Click it and Unblock the Notifications