उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अपने सात साल के कार्यकाल में कई क्षेत्र में विकास की परियोजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यंमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर की बात करें तो यहां पिछले सात वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे हैं। गोरखपुर में ना सिर्फ स्थानीय उद्योगपति बल्कि पूरे देश से निवेश की इच्छा उद्योगपतियों ने जाहिर की है। पिछले वर्ष गीडा में कुल निवेश 20 हजार करोड़ रुपए का धरातल पर उतारा गया है।
प्रदेश की कमान संभालने के साथ ही सीएम योगी ने प्रदेश में औद्योगिक प्रगति का माहौल तैयार करना शुरू कर दिया था। सरकार की ओर से नीतियां उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई। सीएम योगी हर वर्ष तकरीबन छह-सात बार यहां आते हैं और उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हैं। एक वर्ष के भीतर गीडा में 1100 करोड़ रुपए का निवेश पेप्सिको ने किया है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां पेप्सिको की यूनिट का शिलान्यास किया था।

यहां 118 करोड़ रुपए की निवेश वाली ज्ञान डेयरी की यूनिट हो या फिर जल जीवन मिशन में सप्लाई देने वाली प्लास्टिक की 110 करोड़ रुपए की पाइप फैक्ट्री का उद्घाटन हो चुका है। केयान डिस्टलरी के प्लांट को भी यहां स्थापित किया गया है जिसकी लागत 1200 करोड़ रुपए है। 300 करोड़ रुपए की प्लास्टिक रिसाइकलिंग एवं फूड पैकेजिंग कंटेनर यूनिट का भी यहां शिलान्यास किया जा चुका है।
गीडा में 25 एकड़ में गारमेंट पार्क को विसित किया जा रहा है, इसके साथ ही 34 करोड़ रुपए की लागत से फ्लैटेड फैक्ट्री को भी स्थापित किया जा रहा है। गोरखपुर की तस्वीर को पिछले कुछ सालों में पूरी तरह से बदलने के लिए योगी सरकार की ओर से कई बड़े कदम उठाए गए हैं। यहां सड़कों का बेहतरीन नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिली है। गोरखपुर के बाहरी हिस्से की सभी सड़कें और अब फोरलेन हो चुकी है। सड़कों के साथ चौराहों का भी चौड़ीकरण किया जा चुका है। जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी आसानी होती है।


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