उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के लोगों तक सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कई बडे़ कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार एक तरफ जहां किसानों, गरीबों, पिछड़ों, महिलाओं, व्यापारियों, युवाओं के के हित को ध्यान में रखते हुए नीतियां बना रही है, कई तरह की योजनाओं की शुरुआत कर रही है। लेकिन सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे इसे सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार केंद्रीय फैमिली आइडी कार्ड बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तमाम भाषणों में विकसित भारत के संकल्प की बात करते हैं और इसे पूरा करने के लिए सरकार के प्रयास का जिक्र करते हैं। इसी कड़ी में योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि वह उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए केंद्रीय परिचय पत्र यानि केंद्रीय फैमिली आइडी कार्ड जारी करने जा रहे हैं। इसका काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही आने वाले समय में प्रत्येक परिवार के सदस्य को इससे जोड़ा जाएगा और हर वक्ति के लिए रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि तकरीबन 15 करोड़ लोगों के डेटा की फीडिंग हो चुकी है, ऐसे में बचे हुए काम को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। एक बार इसके लागू हो जाने के बाद प्रदेश के हर परिवार से एक सदस्य को रोजगार मुहैया कराने का काम किया जाएगा। सरकार शत प्रतिशत सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि आइडी कार्ड के लॉन्च होने के बाद सरकार के पास परिवार के सदस्यों को मिल रही योजनाओं के लाभ की जानकारी मिल जाएगी। ऐसे में जो भी पात्र परिवार सरकार की किसी योजना से वंचित हैं, सरकार उन्हें इन योजनाओं का लाभ देने का काम करेगी, जिससे प्रदेश में एक भी परिवार सरकार की योजनाओं से वंचित ना रहे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि प्रदेश में पिछले सात वर्षों में छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आए हैं। हाल ही में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 10 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि इन कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में तकरीबन 30 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।


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