उत्तर प्रदेश अक्सर इस वजह से चर्चा में रहता है कि यहां भर्ती प्रक्रिया को पूरा होने में कई साल लग जाते थे। कई बार तो प्रतियोगी परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थी इसके रिजल्ट का इंतजार तक करना बंद कर देते थे। लेकिन अब प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में ना सिर्फ भर्तियां हो रही हैं बल्कि इस भर्ती प्रक्रिया को भी रिकॉर्ड समय में पूरा करके युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पीसीएस परीक्षा इसका एक जीता-जागता उदाहरण है।
योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुचिता स्पष्ट तौर पर देखने को मिल रही है। हर साल यूपी लोक सेवा आयोग ना सिर्फ पारदर्शी तरीके से परीक्षाओं को करा रहा है बल्कि रिकॉर्ड में रिजल्ट को भी जारी कर रहा है।

यूपीपीसीएस परीक्षा की बात करें तो इस साल यूपी लोकसेवा आयोग ने महज 8 महीने और 9 दिन के भीतर परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। जोकि अपने आप में एक कीर्तिमान है। इस बार यूपी पीसीएस की परीक्षा में 251 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जिसमे 84 अभ्यर्थी महिलाएं हैं। यानि 33.46 फीसदी महिलाओं का चयन इस बार यूपी पीसीएस में हआ है। जिस बड़ी संख्या में लड़कियों का चयन इस यूपी पीसीएस की परीक्षा में हुआ है वह निसंदेह लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है।
पिछले कुछ वर्षों के पीसीएस परीक्षा के परिणाम की बात करें तो 2021 में महज 12 महीने के भीतर परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए थे। वहीं 2022 में इस अवधि को और बेहतर करते हुए 10 महीने में ही परीक्षा के परिणाम को घोषित कर दिया गया। लेकिन इस बार 2023 के परिणाम ने इन सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए सिर्फ 8 माह 9 दिन में ही परीक्षा के परिणाम को घोषित कर दिया गया।


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