OPINION: दिल्ली सरकार वाहन स्क्रैपिंग पॉलिशी, प्रदूषण से मुक्ति दिलाने में अहम

दिल्ली सरकार ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी को वायु और ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए कई बड़े प्रयास किए हैं। दिल्ली ईवी पॉलिशी इसी के तहत उठाया गया एक बड़ा कदम है। इसके अलावा पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के बाद नए वाहन खरीदने पर दिल्ली सरकार छूट पाने का भी विकल्प उपलब्ध करा रही है।

सरकार की मोटर वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के बाद अगर कोई नया वाहन खरीदना चाहता है, तो उसे सरकार 10 से 20 प्रतिशत की छूट देती है। ऐसे में इस नीति को दिल्ली में पुराने और चलन से बाहर हो चुके वाहनों के जरिए होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए अहम माना जा रहा है।

Delhi Govt Vehicle Scrapping Policy

अधिकारियों ने कहा कि इससे लोग अपने वाहन को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और दिल्ली में प्रदूषण पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। नई नीति के मुताबिक अपने वाहन को स्क्रैप करवाने के बाद मालिकों को एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा और यह तीन साल के लिए वैध होगा। इस अवधि के दौरान नया वाहन खरीदने पर वे छूट का लाभ उठा सकेंगे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 55 लाख वाहन डीरजिस्टर कर दिए गए हैं। ये वाहन अब चलाए नहीं जा सकते हैं। यही नहीं ऐसे वाहनों की पार्किंग पर भी कड़े प्रतिबंध हैं। जिन वाहनों का पंजीकरण रद्द हुआ है उनको लेकर दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से इसको लेकर नोटिस भी जारी किया गया है।

क्या हैं नियम?
दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्मेंट की ओर से जारी नोटिस में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया है। प्रदूषण की रोकथाम को लेकर इस ओवरएज हुए वाहनों को चलाने पर सख्त प्रतिबंध है। दरअसल, दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाने पर प्रतिबंध है। वाहन की समाप्ति तिथि के एक वर्ष के भीतर वाहन को एनसीआर से बाहर ले जाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर सकते है। वाहन ओवरएज की समाप्ति के एक वर्ष के बाद वाहन के लिए कोई एनओसी जारी नहीं की जाएगी। जनवरी तक 6.3 लाख वाहन मालिकों ने वाहन को एनसीआर से बाहर भेजने के लिए एनओसी ली थी।

पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कड़े नियम
दरअसल, दिल्ली में सर्दियों के दिनों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। पिछले एक दशक के भीतर ऐसे में दिल्ली सरकार ने वाहन नीति के पालन को लेकर सख्ती और स्वच्छता पर फोकस किया है। इसको लेकर वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में क्रमशः 10 और 15 साल से अधिक पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। अदालत ने अपने आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा।

वहीं, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 2014 के एक आदेश में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करने पर रोक लगा दिया था। ऐसे में दिल्ली सराकर ने वाहन स्क्रैप पॉलिशी लागू करने का फैसला किया, जिसे राष्ट्रीय राजधानी को दो तरह के प्रदूषण, वायु और ध्वनि दोनों से रोकने के लिए अहम माना जाता है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+