उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में उद्योग को बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठा रही है, जिसका असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ प्रदेश में सरकार की नीतियों के चलते जहां रिकॉर्ड निवेश आ रहा है तो बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी हो रहा है।
सरकार की नीतियों का असर सिर्फ शहरी क्षेत्रों में ही नहीं देखने को मिल रहा है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकार की नीतियों के चलते उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। ग्राम सभा की जमीन के बेहतर इस्तेमाल के जरिए सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने में लगी है। प्रदेश सरकार ने कुछ समय यह फैसला लिया है कि अब ग्राम सभा की भूमि पर भी उद्योग लग सकेंगे, यहां मिनी क्लस्टर बन सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग लगाने के लिए ग्राम सभा की जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा। ग्राम सभा की पांच एकड़ या उससे अधिक की जमीन की पहचान की जाएगी और इसे उद्योग निदेशालय को मुफ्त में दी जाएगी। इन जमीनों को मिनी इंडस्ट्रियल एरिया की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और उद्यमियों को जमीन का आवंटन किया जाएगा।
यह आवंटन संबंधित जिले के सर्किल रेट से किया जाएगा। जिस भी गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, उसे प्राथमिकता के आधार पर ब्लॉक के उद्यमियों को वरीयता दी जाएगी। सरकार ने गांवों में होने वाले पलायन को रोकने के लिए यह फैसला लिया है। गांव-गांव में इंडस्ट्री को लगाने के लिए सरकार की ओर से यह नीति तैयार की गई है। यही नहीं एमएसएमई इकाइयों को शहर की तुलना में यहां कम दरों पर जमीन मुहैया कराई जाएगी। इस पहल से गांव और आस पास के लोगों को अपने ही क्षेत्रों में रोजगार मिल सकेगा।
एक अनुमान के अनुसार इस पहले के पहले चरण में 500 नए मिनी क्लस्टर तैयार होंगे, जहां 11 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। कम से कम 25 हजार नई इकाइयां यहां बनेंगी। जिसके माध्यम से सीधे तौर पर तकरीबन 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।


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