MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अन्य पर्यटनों के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी पूरे मन से समर्पित होकर काम करने में जुटी हुई है। राज्य सरकार हर उस धर्म स्थान को विकसित करने पर जोर दे रही है, जिनका एक आध्यात्मिक इतिहास है और जो भविष्य की संभावनाओं से भरे पड़े हैं।
इसी कड़ी में सीएम मोहन यादव ने भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव को धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। सीएम यादव ने इसी महीने भगवान परशुराम जयंती के शुभ अवसर पर यह ऐलान किया है।

जानापाव को धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
इंदौर जिले में जानापाव पहाड़ी पर स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली को प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने से क्षेत्र का ना सिर्फ आर्थिक विकास होगा, बल्कि रोजगार की भी अनेकों संभावनाएं विकसित हो सकेंगी। यह पवित्र स्थान पहले ही लोकप्रिय है और अब राज्य सरकार ने इसके विकास के लिए जिस योजना पर विचार किया है, उससे इसकी ख्याति और बढ़ना तय है।
मुख्यमंत्री ने कहा है, 'मध्य प्रदेश सरकार जानापाव को एक धार्मिक केंद्र में बदलने के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रही है। हमने भगवान राम और कृष्ण से जुड़े तीर्थ स्थलों को विकसित करने की भी कोशिशें की हैं।'

मनोरम प्राकृतिक स्थल की और बढ़ेगी सुंदरता
इंदौर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर 854 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जानापाव कुटी घने जंगलों से घिरा क्षेत्र है। यह पहाड़ी विंध्याचल पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है। बारिश के मौसम में यह पवित्र स्थान एक मनोरम प्राकृतिक स्थल के रूप में परिवर्तित हो जाता है। अगर इस स्थान को मौजूदा समय के अनुसार विकसित किया जाता है तो इससे अच्छी बात इस इलाके के लिए क्या हो सकती है।

ट्रेकर्स के लिए भी लोकप्रिय है यह स्थान
भगवान परशुराम से जुड़े होने की वजह से जहां इस स्थान का अपना विशेष धार्मिक महत्त्व है, वहीं ऊंचाई और प्राकृतिक सुंदरता की वजह से यह ट्रेकर्स के बीच भी काफी लोकप्रिय है। राज्य सरकार जो कदम उठा रही है, उससे यहां आने वाले ट्रेकर्स की संख्या भी बढ़ने की संभावनाएं हैं।

मध्य प्रदेश के आर्थिक हित और नागरिकों के कल्याण से जुड़ा है यह प्रोजेक्ट
मोहन यादव सरकार ने जो सोचा है, उससे न सिर्फ इस पवित्र स्थान की लोकप्रियता और बढ़ेगी, बल्कि सैलानियों की संख्या बढ़ने से आर्थिक रूप से भी यह प्रोजेक्ट प्रदेश के विकास में सहायक बन सकता है।

जब कोई सरकार इतनी दूर की सोचकर विकास योजनाएं तय करती है तो आखिरकार लाभ आम नागरिकों को ही मिलता है। यह स्थान कई दुर्लभ जड़ी-बूटियों के लिए भी जाना जाता है, इस वजह से यह आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए भी संभावनाओं से भरा हुआ है।
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