हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर सरकार ने प्रदेश के नागरिकों के साथ कभी भेदभाव करने की कोशिश नहीं की है। खट्टर सरकार ने हमेशा 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' के विचार का पालन किया है और उसी आधार पर अपनी सरकार की गाड़ी को पिछले करीब एक दशक से आगे बढ़ा रही है।
इसी का एक बेहतरीन प्रमाण शनिवार को देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि गुरुकुल हों या मदरसा जो 'आधुनिक शिक्षा' देंगे, उन सबको हरियाणा स्कूल एजुकेशन बोर्ड से रजिस्ट्रेशन करवाने पर सालाना वित्तीय सहायता दी जाएगी।

गरुकुल हों या मदरसे, हरियाणा में सबका कल्याण
मुख्यमंत्री ने साफ बता दिया कि उनकी सरकार आधुनिक और बेहतर शिक्षा को बढ़ा देगी और चाहे गुरुकुल हों या मदरसा उन सबको एक समान लाभ दिया जाएगा।
आधुनिक शिक्षा देने वालों के साथ खड़ी रहेगी खट्टर सरकार
सीएम ने जो कुछ बताया है, उसके मुताबिक हरियाणा स्कूल एजुकेशन बोर्ड के माध्यम से आधुनिक शिक्षा का विकल्प चुनने वाले गुरुकुल और मदरसे, जिनमें 50 से 80 बच्चे तक पढ़ रहे होंगे, उन्हें 2 लाख रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

लेकिन, अगर छात्रों की संख्या 81-100 तक होती है तो ऐसे संस्थानों को हरियाणा सरकार 3 लाख रुपए देगी। इसी तरह से 101-200 छात्र वाले गुरुकुल और मदरसों को सालाना 5 लाख रुपए और 200 से ज्यादा बच्चे रहने पर 7 लाख रुपए की वित्तीय मदद दी जाएगी।
हसन खान मेवाती की शहादत को किया याद
सबसे बड़ी बात ये है कि हरियाणा के सीएम खट्टर यह सारी जानकारी राजस्थान के अलवर के 16वीं शताब्दी के शासक हसन खान मेवाती की शहादत की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में कही है।
सीएम के मुताबिक आजतक किसी सरकार ने मुगल शासक बाबर से लड़ने वाले हसन खान मेवाती का ऐसा जश्न नहीं मनाया था। उन्होंने कहा कि शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में उनके नाम पर एक शोध पीठ की स्थापना भी की जाएगी।

सीएम ने इस मौके पर हसन खान और महात्मा गांधी की प्रतिमा का भी अनावरण किया और गांव में एक स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाने की भी घोषणा की।

सभी क्षेत्रों के समान विकास पर है खट्टर सरकार का ध्यान
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नूंह के लिए करीब 700 करोड़ रुपए के परियोजनाओं की भी घोषणा की है। एक कल्याणकारी राज्य का मतलब ही यही है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर हर जनता और हर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे।
'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' की नीति पर चलती है खट्टर सरकार
हरियाणा में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार है। मेवात इलाके से पार्टी का कोई विधायक नहीं है। लेकिन, मुख्यमंत्री खट्टर ने कभी इस बात की परवाह नहीं की है।

पिछले करीब 9 वर्षों के कार्यकाल में वे 11 बार इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। क्योंकि, उनकी सरकार ने हमेशा से ही 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' की नीति का पालन किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इलाके 1,500 से ज्यादा स्थानीय युवाओं को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत शैक्षिक पदों के लिए वर्चुअल नियुक्ति पत्र भी बांटे हैं। उन्होंने पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका में जल्द कॉलेजों की शुरुआत का भी भरोसा दिया है।


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