हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने एक और ऐसी पहल की है, जिससे राज्य के गरीब युवाओं के जीवन में बेहतरी के साथ बदलाव आना तय है। सबसे बड़ी बात ये है कि खट्टर सरकार ने इसकी शुरुआत करने की बात स्वामी विवेकानंद की जयंती पर की है।
गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से आने वाले युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा सरकार ने 'मिशन 60,000' शुरू करने का एलान किया है।

गरीब युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने की पहल
इसके माध्यम से खट्टर सरकार उन युवाओं का उत्थान करना चाहती है, जिनके परिवारों की सालाना आमदनी 1.80 लाख रुपए से भी कम है। हरियाणा सरकार की ओर से शुरू होने वाली यह एक व्यापक पहल है, जिसमें राज्य के जरूरतमंद युवाओं के कल्याण के लिए हर पहलुओं पर गौर करने की कोशिश की जा रही है।

हरियाणा सरकार खोल रही रोजगार के नए द्वार
'मिशन 60,000' के माध्यम से मनोहर लाल खट्टर सरकार का लक्ष्य राज्य के 7,500 युवाओं को 'वन मित्र' के रूप में जोड़ना है। इनके अलावा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 15,000 संविदा कर्मचारियों की भर्ती की जानी है।
इसके साथ-साथ अन्य तरह के रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर के लिए 7,500 ई-सेवा मित्रों को भी जोड़ा जाना है।

सरकार युवाओं को ट्रेनिंग भी देगी और लोन भी
यही नहीं राज्य सरकार सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री रखने वाले युवाओं को कॉन्ट्रैक्टर बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दिलाने का भी इंतजाम करने जा रही है।
राज्य सरकार इन युवाओं को सिर्फ ट्रेनिंग दिलाकर ही नहीं छोड़ने जा रही है। राज्य सरकार इन्हें बिना किसी कोलेटरल के एक साल के लिए 3 लाख रुपए का लोन भी देगी। इस योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले युवा बिना किसी गारंटी उपलब्ध करवाए 25 लाख रुपए तक का काम कर सकेंगे।

गरीबों की आमदनी बढ़ाना है लक्ष्य
खट्टर सरकार का इरादा साफ है और नीयत नेक है। वह गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजारने वाले परिवारों की सालाना आमदनी बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

रोजगार के अवसर पैदा करने वाली सरकार
आज की राजनीति में युवाओं को रोजगार के नाम पर नौकरियां दिलाने के वादे को 'धंधा' बना लिया गया है। जबकि, तथ्य यह है कि सबको सरकारी नौकरी दे पाना किसी भी सरकार के लिए मुमकिन ही नहीं है।

कल्याणकारी सरकार होने का मतलब है कि वह रोजगार का अवसर पैदा करे, जिसमें लोगों को खुद से रोजगार मिलना शुरू हो जाए। यही नहीं,उसमें इस तरह के कौशल का विकास हो कि वह अपने साथ कुछ और लोगों को भी रोजगार देने लायक बन सके।
हरियाणा सरकार ने इसी सामाजिक दायित्व को आगे बढ़ाने का काम किया है और वह लगातार इस दिशा में बढ़ने की कोशिशों में जुटी हुई है।


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