हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य विधानसभा में साल 2024-25 के लिए शुक्रवार को जो बजट पेश किया है, वह प्रदेश की प्रगति की पूरी तस्वीर पेश करता है।
हरियाणा सरकार ने इस साल कुल 1,89,876 करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया है। इस समय भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यस्था बन चुका है। देश के लिए यह ऐसा अमृतकाल चल रहा है, जिससे भारत को फिर से विश्व गुरु के रूप में उभरने का अवसर तैयार है।

आर्थिक मोर्चे पर बड़े राज्यों के लिए भी नजीर बना हरियाणा
बीते 9 वर्षों से ज्यादा के कार्यकाल में हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जिस तरह से सभी मोर्चों को संभाला है, राज्य की अर्थव्यस्था न सिर्फ पटरी लौटी है, बल्कि इसे आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए जो पहल की गई है, वह बड़े से बड़े राज्यों के लिए भी नजीर है।
यही वजह है कि राज्य के मुख्यमंत्री खट्टर में यह कहने का सामर्थ्य है कि, 'विकसित भारत की इस यात्रा में विकसित हरियाणा एक महत्वपूर्ण रोल निभाएगा।'

हरियाणा की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है
हरियाणा सरकार का यह दावा हवा में नहीं है, बल्कि तथ्यों पर आधारित है। क्योंक, 2014-15 से लेकर 2023-24 दे दौरान स्थिर कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की सालाना चक्रवृद्धि विकास दर 6.1 फीसद रही है।
जबकि, इसी दौरान राष्ट्रीय स्तर पर स्थिर कीमतों पर जीडीपी की सालाना चक्रवृद्धि विकास दर 5.6 फीसद दर्ज की गई। वहीं साल 2023-24 में हरियाणा की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 8 फीसद की दर से बढ़ने का अनुमान है।
वहीं मौजूदा कीमतों पर हरियाणा की राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में 2014-15 के मुकाबले साल 2023-24 में 114 फीसद बढ़ने का अनुमान है। तब यह 86,647 रुपए था, जिसके 1,85,854 रुपए तक पहुंचने की संभावना है।

इसी तरह हरियाणा में यह साल 2014-15 के 1,47,382 रुपए से बढ़कर 2023-24 में 3,25,759 रुपए तक पहुंचने का अनुमान है, जो 121 फीसदी की वृद्धि है।
करीब एक दशक में कहां से कहां बढ़ चला हरियाणा
करीब एक दशक पहले हरियाणा की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की स्थिति सही नहीं थी। चालू वित्त वर्ष में इनका टर्नओवर 79,907 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में लाभ कमाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई थी।

हरियाणा की ओर गर्व से देख रहा है सारा देश
जबकि प्रदेश में इन कंनियों का साझा लोन भी लगातार कम हुआ है। खट्टर सरकार आने के बाद से इसमें 27.4% की गिरावट आ चुकी है।

जिस राज्य की वित्त व्यवस्था का आधार इतना मजबूत किया जा चुका है, वह राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र की प्रगति में भी स्वाभाविक रूप से अहम रोल निभा रहा है और इसी वजह से पूरे देश ने इस छोटे से प्रदेश की ओर गर्व से देखना शुरू कर दिया है।
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