Haryana News: हरियाणा सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों (new Criminal Laws) पर अमल के लिए पूरे रोड मैप के साथ तैयार है। भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के लागू होते ही देश में अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों को निश्चित समय के अंदर सजा मिलने की संभावना बढ़ने वाली है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार ने इन तीनों नए आपराधिक कानूनों पर सही तरीके से अमल करने के लिए अपने तीनों ही महत्वपूर्ण विभागों- पुलिस, जेल और अभियोजन को अभी से सक्रिय कर दिया है।

हरियाणा पुलिस की ट्रेनिंग के लिए स्पेशल वर्कशॉप
इसके लिए सरकार अपने विभागों और अधिकारियों-कर्मचारियों की क्षमता विकसित करने पर जोर दे रही है, साथ ही अफसरों को ट्रेनिंग के लिए स्पेशल वर्कशॉप भी आयोजित करवा रही है।

जन सहजता, हरियाणा सरकार की प्राथमिकता
हरियाणा सरकार को मालूम है कि ये तीनों कानून भारत की आवश्यकताओं को देखते हुए तैयार किए गए हैं, इसलिए इसे इस तरीके से लागू किया जाना है, जिससे नागरिकों-अधिकारियों को किसी तरह की असहजता का सामना न करना पड़े। मौजूदा आपराधिक कानून अंग्रेजों के बनाए हुए हैं, जिसे तैयार करने में उन्होंने अपने हितों को प्राथमिकता दी थी।

केंद्र से लगातार संपर्क में हैं प्रदेश के शीर्ष अफसर
तीनों नए आपराधिक कानूनों पर अमल में हरियाणा के अधिकारियों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए राज्य के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने पिछले मंगलवार को ही केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया है, जो विशेष रूप से इसी को लेकर आयोजित की गई थी।

तीनों कानूनों को प्रभावी तरीके से अमल के लिए ट्रेनिंग पर जोर
हरियाणा सरकार को मालूम है कि नए कानूनों को सहजता के साथ अमल में लाने के लिए संबंधित विभागों को पहले से पूरी तरह से तैयार रहना है, इसके लिए तरह-तरह के प्रशिक्षणों का इंतजाम किया जा रहा है। इसलिए सबसे पहले मास्टर ट्रेनरों और पुलिस अफसरों की ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ये कानून प्रभावी तरीके से बिना किसी बाधा के अमल में लाए जा सकें।

महाभियान के लिए पूरी तरह से कमर कर चुकी है हरियाणा सरकार
इस महाभियान के लिए राज्य सरकार की ओर से पहले ही 9,000 मास्टर ट्रेनरों की पहचान की गई है, जिनमें से 3,000 से अधिक की ट्रेनिंग राज्य के प्रशिक्षण केंद्रों में करवाई भी जा चुकी है। करीब 5,000 जांच अधिकारियों और फिल्ड अफसरों की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी है और करीब इतने ही राज्य के ट्रेनिंग सेंटरों में और 209 की सीएपीटी/सीडीटीआई में क्रैश कोर्स भी कर चुके हैं।

अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी तालमेल
कुल मिलाकर हरियाणा सरकार का लक्ष्य ये है कि 30 जून तक सभी मास्टर ट्रेनर पूरी तरह से नए कानूनों के प्रशिक्षणों के लिए तैयार हो जाएं। इसके लिए राज्य और जिलास्तर पर काम चल रहा है। इतना ही नहीं इस काम के लिए हरियाणा पुलिस अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी तालमेल बिठा रही है और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्योर (SOPs) पर भी काम कर रही है।


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