हरियाणा सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल में राज्य में रोजगार की परिस्थितियां बदल चुकी हैं। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए अनेक संभावनाएं पैदा हुई हैं।
सबसे बड़ी बात ये है कि अब हरियाणा में सिर्फ योग्यता को सम्मान मिल रहा है और साथ ही साथ पारदर्शिता इतनी रखी जाती है कि संदेह की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती।

युवाओं को मिलने वाली है बड़ी खुशखबरी
आने वाले कुछ दिनों में राज्य के युवाओं को और बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक करीब 29,000 पदों के परिणाम घोषित होने वाले हैं।

अस्थायी रोजगार में भी मिल रही है सुरक्षा और सुविधा की गारंटी
खट्टर सरकार ने सिर्फ सरकारी नौकरियों के लिए पारदर्शिता का पैमाना नहीं तैयार किया है, ठेकेदारों के माध्यम से अस्थायी रोजगार में लगने वाले लोगों के लिए भी सभी तरह की सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था की है।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने अस्थायी रोजगार में लगने वाले हजारों युवाओं का जीवन बदलने का काम किया है। इसकी वजह से आउटसोर्सिंग से रोजगार पाने वाले युवाओं को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) का लाभ मिल पा रहा है।

एक लाख से ज्यादा युवाओं को मिल रहा सम्मान
राज्य सरकार के अनुसार इस समय प्रदेश में आउटसोर्सिंग से रोजगार पाने वाले करीब 1,08,000 कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम से जोड़ा जा चुका है। इसका लाभ पाने के लिए कर्मचारियों के चयन में भी पारदर्शिता का उच्चतम मानदंड का पालन किया जाता है।
हरियाणा में रोजगार को लेकर इधर-उधर से कई बार भ्रामक आंकड़े देखने को मिलते हैं। अगर इसकी वजहों में न जाते हुए राज्य सरकार के 'परिवार पहचान पत्र' से मिले स्वाभिवक आंकड़ों पर गौर किया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी स्पष्ट हो सकता है।

निजी क्षेत्र में भी 30 लाख से ज्यादा युवाओं को मिला रोजगार
'परिवार पहचान पत्र' के माध्यम से जो आंकड़े मिलते हैं, उनमें राज्य के लोगों ने खुद से अपनी रोजगार की स्थिति बताई हुई है। इस आंकड़े के मुताबिक राज्य में बेरोजगारी की दर मात्र 7.5 से 8% के बीच है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर और उनकी सरकार की कोशिशों का ही नतीजा है कि उनके दो कार्यकालों में अबतक सिर्फ निजी क्षेत्र में 30 लाख से भी ज्यादा लोगों को रोजगार के मौके उपलब्ध करवाए गए हैं।

प्रगति और समृद्धि के पथ पर बढ़ चला है हरियाणा
यह प्रगति यूं ही नहीं देखने को मिल रही है। राज्य सरकार ने जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं, प्रदेश में कंपनियों को जो माहौल तैयार करके दिया है, उससे निवेश बढ़े हैं। उद्योगों के दायरे में विस्तार हुआ है। इसी का परिणाम है कि युवाओं के सामने रोजगार के नए-नए द्वार खुल रहे हैं।
इन बदलावों का असर राज्य में प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रह प्रमुख राज्यों में शीर्ष स्थान पर है।
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