हरियाणा देश के उस राज्य के तौर पर उभर रहा है, जो महिला सशक्तिकरण का रोल मॉडल है। जो राज्य कभी बेटियों की उपेक्षा के लिए बदनाम था, आज हरियाणा की बेटियां देश ही नहीं, दुनिया में नाम रोशन कर रही हैं।
अब हरियाणा में 5,000 महिलाओं को ड्रोन ट्रेनिंग देने की तैयारी है। यह ड्रोन कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं। इसके लिए पूरी योजना बनाकर कदम बढ़ाया जा रहा है।

बदल गया है हरियाणा, सशक्त हो रही हैं महिलाएं
हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से पहले चरण में 500 महिला स्वयं सहायता समूहों को चुना गया है। प्रत्येक समूह में 10-10 महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
करनाल में आयोजित 'लखपति दीदी' सम्मेलन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जो जानकारी दी उसके मुताबिक अबतक 102 महिलाओं को ड्रोन ट्रेनिंग मिल चुकी है। विभिन्न विभागों को इसके लिए कार्य भी सौंपे जा चुके हैं।

हरियाणा अब औद्योगिक विकास में भी कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। खट्टर सरकार ने इसके लिए काफी कोशिशें भी की हैं, नीतियां भी तैयार किए गए हैं, निवेश भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। आर्थिक विकास के लिए उद्योगों को नकारा नहीं जा सकता।
कृषि प्रधान राज्य हरियाणा में किसानों के लिए बहुत काम का है ड्रोन
लेकिन, सीएम खट्टर मानते हैं कि यह राज्य आज भी एक कृषि प्रधान प्रदेश है, इसलिए यहां के अन्नदाताओं के लिए ड्रोन की बहुत ही अधिक आवश्यकता है। अबतक राज्य के किसान खेतों में हाथों से यूरिया का छिड़काव करते रहे हैं।
हरियाणा की लखपति दीदियां किसानों का काम करेंगी आसान
लेकिन, अब नैनो यूरिया और लिक्विड यूरिया की वजह से ड्रोन की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसकी मदद से छिड़काव का काम आसान ही नहीं हो गया है, यह किफायती भी है और बेहतर भी। ड्रोन से यूरिया छिड़काव काम अब महिलाओं को करना है।

महिलाएं सशक्त होंगी तो गांव, प्रदेश और देश की भी तरक्की होगी
ड्रोन ट्रेनिंग की सहायता से 5,000 महिलाएं जब प्रशिक्षित हो जाएंगी, तो इससे न सिर्फ उनको जीवनयापन का एक नया साधन मिलेगा, बल्कि उनके गांव की भी तरक्की होगी।
सीएम खट्टर के मुताबिक यातायात प्रबंधन, खनन और अनधिकृत कॉलोनियों के सर्वे के लिए भी संबंधित विभागों को ड्रोन चाहिए और यह ड्रोन भी राज्य की महिलाएं उड़ाएंगी।
3 लाख लखपति दीदी तैयार करने की है खट्टर सरकार की योजना
महिलाओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 वर्षों में अनेकों योजनाएं शुरू की हैं और 'लखपति दीदी' योजना मूल रूप से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
अभी हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भले ही 5,000 महिलाओं को ड्रोन ट्रेनिंग की व्यवस्था शुरू की है, इसने प्रदेश में 3 लाख लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य तय किया है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनना हो रहा आसान
लखपति दीदी योजना का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम तो बनाना ही है, उन्हें वित्तीय तौर पर स्वतंत्र स्थिति में भी लाना है, ताकि वह किसी की मोहताज न रह जाएं।
तीन पीढि़यों को संवारने में सक्षम होती हैं महिलाएं
क्योंकि, खट्टर सरकार इस सोच के साथ काम कर रही है कि अगर एक महिला लखपति दीदी बन जाती है, तो वह एक मां, बहन और पत्नी के रूप में पूरे परिवार की सहायक बन सकती है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मानते हैं कि महिलाओं में साहस और लगन का भाव होता है, जिसके दम पर वह पूरे परिवार की प्रगति में योगदान दे सकती है और आखिरकार इससे गांव, प्रदेश और देश की तरक्की सुनिश्चित हो सकती है।
सीएम खट्टर को लगता है कि एक शिक्षित और सशक्त महिला तीन पीढ़ियों को मजबूत बनाने में सक्षम होती है। राज्य में आज की तारीख में 55,000 स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे करीब 6 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं।


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