हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अपने एक और वादे को निभाने की पहल शुरू कर दी है। इस साल 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में पवित्र राम जन्मभूमि पर भगवान राम लला के मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही वहां के लिए 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' का इंतजाम भी शुरू कर देगी।
'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' के तहत हरियाणा सरकार बुजुर्गों को तीर्थ यात्राएं करवाने के लिए सहायता दे रही। जब एक इंसान उम्र के अगले पड़ाव पर पहुंचता है, तो तीर्थ यात्रा पर निकलना उसके बचे हुए जीवन की बहुत बड़ी चाहत बन जाती है।

गरीब बुजुर्गों के दिन बदलेगी खट्टर सरकार
ऐसे में अगर खट्टर सरकार इन बुजुर्गों की मदद के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। इस योजना के तहत राज्य सरकार उन परिवारों की मदद कर रही है, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए से कम है।
मकसद साफ है कि जिन लोगों के लिए खुद से ऐसी यात्राओं पर निकलना संभव नहीं है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, जनता के लिए सोचने वाली, उसके लिए समर्पित सरकार उसके साथ हर समय मुस्तैद है।

60 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों के सामने 'पुत्र' की तरह खड़ी है सरकार
ऐसे 'अंत्योदय' परिवारों के जिन सदस्यों की उम्र 60 साल से ज्यादा है, उनके लिए अयोध्या, वाराणासी और देश के अन्य पवित्र धर्म-स्थलों की यात्रा का इंतजाम किया जाता है। यह योजना पिछले साल नवंबर में ही लॉन्च की गई थी।
'श्रवण कुमार' की भूमिका में हरियाणा सरकार
इस योजना के तहत तीर्थ यात्रा पर आने वाला अधिकतर खर्च हरियाणा सरकार उठाएगी। जब पूरी दुनिया की नजरें अयोध्या में भगवान राम-लला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर टिकी हैं, ऐसे में हरियाणा के बुजुर्गों की मदद करके एक तरह से राज्य की खट्टर सरकार 'श्रवण कुमार' की भूमिका में नजर आ रही है।

लाखों के जीवन में आएगा यादगार पल
हरियाणा सरकार इस योजना के प्रति इस तरह से संवेदनशील है कि इसके लिए एक 'मुख्यमंत्री मुफ्त तीर्थ यात्रा पोर्टल' भी लॉन्च किया गया है।

हरियाणा के लाखों बुजुर्गों को खट्टर सरकार की उदार पहल का लाभ मिलने जा रहा है। खासकर अभी देश में आकर्षण का केंद्र अयोध्या का राम मंदिर है और वहां पर दर्शन का जिस तरह से इंतजाम किया जा रहा है, वह बहुत ही अनोखा है और लाखों लोगों के जीवन में यह सदा के लिए एक यादगार पल बनने जा रहा है।

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सोने पे सुहागा ये है कि गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के बुजुर्गों के लिए शुरू की गई यह स्कीम सिर्फ कुछ ही तीर्थ स्थलों तक ही सीमित नहीं है। अगर बुजुर्ग चाहें तो अनेकों ऐसे स्थान की यात्रा कर सकते हैं, जो धार्मिक महत्त्व के हैं।


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