हरियाणा सरकार ने समाज के गरीबों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कार्य शुरू किया है, जिसे 'वन मित्र योजना' का नाम दिया गया है।
हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस योजना की शुरुआत इस इरादे से किया है, ताकि गैर-वन क्षेत्रों में सामाजिक सहभागिता से पेड़ लग जाएं। हरियाणा में इस योजना को प्रोत्साहित करने के लिए एक पोर्टल भी तैयार किया गया है।

पर्यावरण की रक्षा और समाज कल्याण के लिए क्रांतिकारी कदम
राज्य सरकार ने इस बात का खास ध्यान रखा है कि पोर्टल पर वही लोग वन मित्र के तौर पर रजिस्टर किए जाएंगे, जिनके परिवार की सालाना आमदनी 1.80 लाख रुपए से कम हो।

पृथ्वी की रक्षा के लिए वरदान है ये योजना
इस योजना का लक्ष्य स्थानीय लोगों को जोड़कर गैर-वन क्षेत्रों में पौधे लगाने पर जोर देना है, ताकि पौधों के जीवित बचने की संभावना बढ़ जाए और हरे-भरे क्षेत्रों का दायरा बढ़ता चला जाए, जो कि पृथ्वी की रक्षा के लिए भी वरदान साबित होने वाला है।

मानवता का कल्याण और गरीबों का सम्मान
खट्टर सरकार ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि किस तरह से वन मित्रों को समय-समय पर उनके कार्यों के लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाए, ताकि मानवता का कल्याण भी हो और गरीबों को आमदनी का एक जरिया भी मिल जाए।

पहले चरण में चुने जाएंगे 7500 वन मित्र
इस योजना के तहत एक वन मित्र अधिकतम 1000 पौधे लगा सकता है। इस योजना से जुड़ने के लिए जरूरी है कि वन मित्रों की उम्र 18 साल से 60 साल के बीच की हो। पहले चरण में इस योजना के तहत राज्य सरकार 7500 वन मित्रों को चुनेगी।

अपनी जमीन पर भी पौधे लगाने की छूट
यह वन मित्रों पर निर्भर है कि वह गैर-वन क्षेत्र में पौधे लगाने के लिए अपने गांव या शहर किसी भी क्षेत्र को चुन लें। अगर वन मित्र अपनी ही जमीन पर पौधे लगाते हैं, तो राज्य सरकार उन्हें उस पौधे का स्वामी मानेगी।
प्रोत्साहन राशि का पूरा इंतजाम
इस योजना के तहत पहले वर्ष वन मित्रों का रजिस्ट्रेशन होगा और उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और उसी हिसाब से वह पौधे लगाएंगे। पहले साल में जैसे ही वन मित्र पौधे के लिए गड्ढा खोदेंगे और उसकी तस्वीर दिए गए मोबाइल ऐप पर डालेंगे और जिओ-टैगिंग करेंगे, उन्हें प्रत्येक गड्ढे के लिए 20 रुपए हरियाणा सरकार देगी।

हर महीने 8 हजार रुपए तक कमाने का मौका
जिओ-टैगिंग के बाद वन मित्रों को प्रत्येक लगाए गए पौधों के लिए 30 रुपए दिए जाएंगे। यही नहीं उन्हें प्रत्येक जीवित पौधों की देखभाल और उनकी सुरक्षा के लिए 10 रुपए अलग से भी मिलेंगे।
अगले साल वन मित्रों को प्रत्येक जीवित पौधों के लिए हर महीने 8 रुपए दिए जाएंगे। तीसरे साल में यह राशि हर महीने 5 रुपए की हो जाएगी और चौथे साल प्रत्येक जीवित पौधे के लिए हर महीने 3 रुपए दिए जाएंगे।
अगर किसी वजह से कोई वन मित्र इस योजना से खुद को अलग करना चाहते हैं, तो ऐसी स्थिति में उन पौधों की जिम्मेदारी वन विभाग ले लेगा।
वनरोपण कार्य में आम जनता को जोड़ने की खट्टर सरकार की यह योजना गरीबों का हौसला बढ़ाने वाला तो है ही, पर्यावरण की रक्षा की दिशा में उठाया गया ऐसा कदम है, जिसका लाभ पूरी मानव जाति को मिलना तय है।
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