Haryana News: हरियाणा सरकार ने शहरों में गैस वितरण को लेकर एक व्यापक नीति पर काम किया है। जैसे ही इसपर अमल होगा शहरों में सीएनजी/पीएनजी की पाइपलाइन एक समय-सीमा के अंदर में बिछाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
केंद्र सरकार भी पाइपलाइन से गैस सप्लाई की नीति पर जोर दे रही है। इससे ढुलाई पर होने वाला खर्च ही नहीं बचता, गैस सप्लाई की निरंतरता भी बरकरार रहती है।

लंबे समय के लिए ठोस रणनीति पर काम करती है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार जितनी भी नीति तैयार कर रही है, वह सिर्फ कुछ कार्यकाल में जनता को खुश करने के लिए नहीं होती, बल्कि लंबे समय के लिए होती है। अभी शहरों में गैस पाइपलाइन बिछाने की जिस नीति पर काम चल रहा है, वह भी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

घरों से लेकर दुकानों तक में जीवन हो सकेगा आसान
हरियाणा में जो सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (CGD) नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, उसका लक्ष्य गैस की डिमांड बढ़ने के हिसाब से विस्तार देने के अलावा घरेलू इस्तेमाल, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक केंद्रों से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक के लिए होना है।
आगे चलकर इसका लाभ न सिर्फ हरियाणा के घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगा, बल्कि छोटे-छोटे दुकानदारों, जैसे चाय बेचने वालों का भी जीवन सुगम हो सकेगा।

राज्य हित, देश हित के साथ विश्व कल्याण की सोच रखती है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार की यह पहल न सिर्फ प्रदेश की जनता के हित में है, बल्कि कच्चे तेल की आयात पर निर्भरता कम करके गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना है।
मतलब हरियाणा सरकार सिर्फ प्रदेश और देश के हित में ही नहीं सोच रही है, बल्कि वह पर्यावरण की रक्षा करके विश्व कल्याण के दिशा में भी काम कर रही है।
केंद्र सरकार पूरे देश में घर-घर तक पाइपलाइन बिछाकर गैस पहुंचाने पर विचार कर रही है और हरियाणा सरकार ने एक तरह से शहरी क्षेत्रों से उस दिशा में कदम पहले ही बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

सुविधा के साथ सुरक्षा का भी रख रही है ख्याल
सबसे बड़ी बात ये है कि राज्य सरकार गैस पाइपलाइन बिछाने को तबज्जो तो दे ही रही है, लेकिन किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों से समझौते के लिए तैयार नहीं है। इसलिए, शुरुआत से ही यह जिम्मेदारी तय की जा रही है कि हर स्तर पर गैस पाइपलाइन की सुरक्षा, मेंटेनेंस से जुड़े उत्तरदायित्व कौन संभालेगा।

राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों पर गंभीरता से अमल हो और इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।
समय-सीमा का रखा जाएगा विशेष ध्यान
सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सीएनजी स्टेशनों, गैस भंडारण वाली जगहों और गैस पंपिंग स्टेशन जैसी सुविधाओं की स्थापना के लिए मंजूरी देते समय संबंधित मास्टर प्लान के प्रावधानों का अच्छे से पालन हो।
साथ ही इस तरह की योजनाओं को समय-सीमा के अंदर मंजूरी देने की भी व्यवस्था रहे, ताकि इस तरह के जनहित वाले कार्य लंबे समय के लिए खटाई में न पड़े।


Click it and Unblock the Notifications