हरियाणा सरकार एक ऐसी योजना को बढ़ावा दे रही है, जिससे राज्य की पूरी ग्रामीण अर्थव्यस्था का कायापलट होने की संभावना है। इस योजना के तहत मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने फसलों पर नैनो-फर्टिलाइजर के छिड़काव के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की व्यवस्था की है।
यह योजना कई तरह से पूरी ग्रामीण अर्थव्यस्था में चार चांद लगाने की ताकत रखती है। खासकर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का बहुत बड़ा अवसर है, जिनके सामने ड्रोन उद्यमी बनकर सामाजिक बदलाव की अगुवाई करने का मौका है।

मामूली फीस पर फर्टिलाइजर का छिड़काव
हरियाणा सरकार के मुताबिक ड्रोन से खेतों में नैनो-यूरिया के छिड़काव के लिए किसानों से सिर्फ 100 रुपए की फीस ली जाएगी। यानी कम लागत में ज्यादा उत्पादन इस योजना का लक्ष्य है। अन्नदाताओं के लिए ऐसी सोच एक कल्याणकारी सरकार का उदाहरण है।

मिट्टी की उर्वरा शक्ति का बेहतर संरक्षण
खास बात ये है कि इफको के नैनो-यूरिया और नैनो-डीएपी के इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरा शक्ति का भी बेहतर संरक्षण होता है। क्योंकि, फर्टिलाइजर के परंपरागत तरीके से इस्तेमाल करने के कई नुकसान सामने आए हैं, जिससे मिट्टी की सेहत खराब हो रही है। पूरे देश में यह एक गंभीर समस्या का रूप धारण कर चुका है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए ड्रोन उद्यमी बनने का अवसर
इस योजना के तहत राज्य के युवाओं खासकर महिलाओं को ड्रोन उद्यमी बनने का अवसर मिल रहा है, जिससे उन्हें स्वरोजगार मिलेगा। ड्रोन उद्यमी बनने का मौका खासकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।
हरियाणा के लोगों को चौतरफा लाभ
इस तरह से कृषि ड्रोन योजना से हरियाणा के लोगों को कई तरह के लाभ एक साथ मिलने की संभावना पैदा हुई है। वह ड्रोन उद्यमी बनकर किसानों को बेहतर सेवा दे सकेंगे।

किसानों की आमदनी बढ़ेगी
किसानों को कम लागत में ज्यादा उत्पादन का लाभ मिलेगा। उनकी आमदनी बढ़ेगी। खेतों की मिट्टी की सेहत भी संवरेगी। ग्रामीण महिलाओं को ऐेसे रोजगार का अवसर मिलेगा, जिसके बारे में पहले सोचा नहीं गया था।
एक अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में इस योजना की मदद से हरियाणा में 5,000 से ज्यादा नए ग्रामीण उद्यमी तैयार होंगे। वहां की खेती को और मजबूती मिलेगी, जिससे आखिरकार पूरी ग्रामीण अर्थव्यस्था में बदलाव होगा और उसमें प्रगति होगी।

हरियाणा सरकार की यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इस साल 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से किए गए एलान की ही तरह है।
इसके तहत मोदी सरकार ने केंद्रीय योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ड्रोन उपलब्ध करवाने के लिए 1,261 खर्च करने की व्यवस्था की है। इस योजना के तहत भी चुनिंदा महिला स्वयं सहायता समूहों को 15,000 ड्रोन उपलब्ध करवाए जाने हैं।


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