Haryana News: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने एमबीबीएस इंटर्न को मिलने वाले वजीफे में बड़ी बढ़ोतरी करके उनकी ओर से लंबे समय से की जा रही मांग पूरी कर दी है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार के इस कदम की काफी सराहना हो रही है।
हरियाणा सरकार के इस कदम से एमबीबीएस छात्रों को अपने प्रोफेशनल करियर में बेहतर योगदान देने का अवसर मिलेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एमबीबीएस इंटर्न के वजीफे में यह इजाफा 43 फीसदी का किया है, जिससे अनुमान लगता है कि सरकार कैसे भविष्य को ध्यान पर फैसले कर रही है।

एमबीबीएस इंटर्न के वजीफे में एक झटके में भारी इजाफा
हरियाणा सरकार के इस फैसले से रोहतक के पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों में इंटर्न को अब 17,000 रुपये की जगह 24,310 रुपये हर महीने नया वजीफा मिलेगा।

बहुत ही दूरगामी सोच के साथ काम कर रही है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार ने समय-समय पर एमबीबीएस छात्रों के हितों में इस तरह के कदम उठाए हैं। राज्य सरकार 2018 में ये वजीफा 12,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया था। राज्य सरकार के इस तरह के कदम से अनुमान लगता है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर पीढ़ी तैयार करने के लिए कितनी दूरदर्शिता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री की पहल पर एमबीबीएस इंटर्न का भविष्य हुआ बेहतर
बीते महीने ही 26 जून को एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न ने मुख्यमंत्री नायब सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपने वजीफे में बढ़ोतरी की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने बिना ज्यादा समय गंवाए फौरन उनकी मांगों पर संवेदनशीलता दिखाई और वजीफा बढ़ाने का फैसला कर लिया।

पेशेवर विकास पर ध्यान केंद्रित करने में मदद
हरियाणा सरकार के इस फैसले का मकसद एमबीबीएस इंटर्न को उनकी इंटर्नशिप के दौरान वित्तीय स्थिरता और सहायता उपलब्ध करना है। इस बढ़ोतरी से उन्हें वित्तीय तनाव के बिना अपने पेशेवर विकास पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।

इस क्षेत्र में सारी असमानताएं दूर करने का भी दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षुओं को भरोसा दिलाया है कि वे राज्य और केंद्र सरकार के चिकित्सा संस्थानों के बीच वजीफे में असमानता के बारे में उनकी चिंताओं का भी समाधान करेंगे। इस आश्वासन के बाद पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी चिकित्सा संस्थानों के लिए वजीफे में वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है।
हरियाणा सरकार के इस कदम से एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन्हें इंटर्नशिप के दौरान बेहतर वित्तीय सहायता मिलेगी।


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