Haryana News: हरियाणा सरकार ने अपने पिछले दो कार्यकालों में कृषि और किसानों को हर संभव सहायता देने की कोशिश की है, जिसका परिणाम आज पैदावार में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के रूप में देखा जा सकता। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया है कि अब प्रदेश के किसान उतनी ही जमीन पर पहले के मुकाबले दोगुनी फसल उत्पादित कर पाने में सफल हो रहे हैं।
इसकी वजह ये है कि पिछले करीब 10 वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है। सीएम सैनी के मुताबिक राज्य में कृषि पैदावार में बढ़ोतरी हुई है, उसकी बड़ी वजह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को माना जा सकता है।

कृषि क्षेत्र में हरियाणा देख रहा है अप्रत्याशित प्रगति
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को राज्य सरकार ने हरियाणा में बखूबी लागू किया है और परिणाम देश के सामने है। राज्य सरकार ने अन्नदाताओं को जिस तरह से सब्सिडी देकर खेती के लिए पानी उपलब्ध करवाया है, वह एक मिसाल है।
चाहे ड्रिप इरीगेशन हो या स्प्रिंग इरीगेशन इससे किसानों को बहुत फायदा हुआ है। कम खर्च में पैदावार बढ़ाने में मदद मिली है और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है, जिससे पर्यावरण का भी हित हुआ है। प्रधानमंत्री ने खुद सिंचाई के नए तरीकों को बढ़ावा दिया है और हरियाणा सरकार ने इसे अपनाकर खेती और किसानी का तरीका ही बदल दिया है।

अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाने पर जोर
सबसे बड़ी बात ये है कि अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाने के लिए एक तरफ जहां हरियाणा सरकार ने खेती की नई तकनीक पर जोर दे रखा है, वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से किसानों का मनोबल बढ़ाए रखने का काम किया गया है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार फसल विविधीकरण योजना को बढ़ावा दे रही है। दाल, तिलहन और मक्के जैसी फसलों के उत्पादन पर जोर दे रही है। कृषि कार्यों के लिए मशीनें खरीदने के लिए 50% की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है।

हरियाणा की 70% जनता कृषि कार्यों में शामिल
हरियाणा सरकार की तो विशेषता ये है कि इसने 14 अन्य फसलों को भी एमएसपी पर खरीदने का काम किया है। हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां के करीब 70% लोग कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

देश के लिए हरियाणा के किसानों का बेजोड़ योगदान
हरियाणा सरकार ने कृषि क्षेत्र में प्रगति के लिए पिछले करीब 10 वर्षों में जिस तरह से ध्यान दिया है, उसी का परिणाम है कि हरियाणा आज अनाज उत्पादन में न केवल आत्मनिर्भर है। बल्कि, क्षेत्रफल के हिसाब से छोटा सा राज्य होते हुए भी सेंट्रल पूल के लिए अनाज जुटाने में दूसरे स्थान पर है।
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
