हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने अबकी बार कामकाजी महिलाओं को दी जाने वाली सुविधा को और बेहतर करना तय किया है।
खट्टर सरकार ने 'मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना' का दायरा बढ़ा दिया है। अब दूसरा बच्चा होने पर भी कामकाजी महिलाओं को 5,000 रुपए की वित्तीय सहायता उलब्ध करवाई जाएगी, चाहे बच्चा लड़का ही क्यों न हो।

कामकाजी महिलाओं के लिए खट्टर सरकार की बड़ी पहल
हरियाणा की महिला और बाल विकास विभाग की ओर से बताया गया है कि यह योजना इसलिए लागू की गई थी कि कामकाजी महिलाओं को गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पर्याप्त पोषण मिले, उसमें किसी भी तरह की कोई कमी की गुंजाइश न रह जाए।
एक कल्याणकारी और हमेशा जनहित में सोचने वाली सरकार का ही यह संकल्प है, जो प्रदेश की नारीशक्ति को स्वस्थ रखने की दिशा में सोच रही है। साथ ही राज्य और देश के भविष्य की भी चिंता की जा रही है।

दूसरा बच्चा बेटा होने पर दी जाएगी वित्तीय सहायता
इस पहल के बाद हरियाणा में अब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कामकाजी महिलाओं को दूसरा बच्चा होने पर भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा, चाहे वह लड़का ही क्यों न हुआ हो।

40 फीसदी से अधिक कामकाजी महिलाएं योजना के दायरे में
खट्टर सरकार की ओर से इस योजना का दायरा बढ़ाए जाने से अब राज्य में 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग, मनरेगा जॉब कार्ड की लाभार्थी, ई-श्रम कार्डधारी, बीपीएल राशन कार्ड की लाभार्थी, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और पीएम किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और ये सारे इसके लिए योग्य पात्र मानी जाएंगी।

8 लाख रुपए तक की सालाना आमदनी वाले परिवार की महिलाएं शामिल
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति हरियाणा सरकार कितनी सतर्क है, इसक अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस योजना के दायरे में वे सारी महिलाएं शामिल की जाती हैं, जिनके परिवार की सालाना आमदनी 8 लाख रुपए तक है।

मां-बच्चे के भविष्य के स्वास्थ्य की भी चिंता
सिर्फ केंद्र और राज्य सरकार के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में कार्यरत महिलाओं को इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते खट्टर सरकार ने यह भी सुनिश्चित कर दिया है कि योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं अपनी गर्भावस्था और बच्चों के जन्म के बाद मां-बच्चे से जुड़े सारे टीके समय पर लगवाती रहें, तभी उन्हें यह सहायता राशि मिलेगी।

इस योजना का लाभ उठाने का तरीका भी बहुत आसान है और इसके लिए आंगनवाड़ी या आशा कर्मचारियों की मदद ली जा सकती है। राज्य सरकार ने तय किया है कि कामकाजी महिलाओं को यह सुविधा दो ही किस्तों में उपलब्ध करवाई जाएगी।


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