हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उसी का परिणाम है कि बीते 9 वर्षों से अधिक समय में प्रदेश की व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।
अगर इसकी वजह की पड़ताल करें तो खुद सीएम खट्टर कहते हैं कि उनकी सरकार राम राज्य के सिद्धांतों से प्रेरित होकर काम करती है। यही वजह है कि आज राज्य में जितनी भी कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उसका लाभ समाज के आखिरी कतार में बैठे अंतिम व्यक्ति तक भी बिना किसी बाधा के पहुंच रहा है।

अंत्योदय की भावना से प्रेरित होकर हरियाणा में हो रहा काम
बीते एक दशकों में हरियाणा में महिला सशक्तिकरण और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने की जो पहल की गई है, वह देश के दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन रहे हैं।
सबसे बड़ी बात ये है कि ये तमाम काम पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जा रहे हैं और समाज के कमजोर तबकों के कल्याण का पूरा एजेंडा अंत्योदय की भावना पर आधारित है।

सामाजिक समस्याओं का हो रहा समाधान
मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हरियाणा में भ्रष्टाचार पर लगाम लगना एक बड़ी उपलब्धि है, जो पहले एक तरह से व्यवस्था का अंग बन चुका था। इसी तरह से जातिवाद से प्रभावित राजनीति प्रदेश के विकास के लिए कोढ़ बन चुकी थी। इसे अब मिटाया जा चुका है।

अटल कैंटीन का हो रहा विस्तार
खट्टर सरकार की प्राथमिकताओं में शुरू से गरीब और किसान शामिल रहे हैं। समाज के इस वर्ग के लिए अबतक 25 मंडियों में अटल कैंटीन चलाई जा रही थी।
लेकिन, आने वाले दिनों में 15 और मंडियों में इसकी व्यवस्था शुरू होने वाली है। यही नहीं अब इसे सिर्फ 5 महीने नहीं, बल्कि पूरे साल चलाए जाने की तैयारी है।

जनहित के लिए समर्पित हरियाणा सरकार
हाल ही में हरियाणा सरकार ने प्रदेश के आम नागरिकों की मांग को देखते हुए एक और पहल शुरू की है। यहां बिजली बिल के दो महीने वाली साइकिल को मासिक में बदलने की मांग की जा रही थी।
पहले चरण में हिसार, करनाल, महेंद्रगढ़ और पंचकूला में मासिक बिजली बिल की व्यवस्था लागू की जाने वाली है।
हरियाणा ने खट्टर सरकार के दो कार्यकालों में कैसी तरक्की की है, इसका अंदाजा लगाने के लिए यही जानना काफी है कि पिछले साल राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2,96,685 रुपए रही थी। इसी तरह से राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी अप्रत्याशित प्रगति दर्ज की गई है।


Click it and Unblock the Notifications