Haryana News: हरियाणा सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि अन्नदाताओं के कल्याण को वह किस तरह से प्राथमिकता देती है। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लगभग 50 हजार किसानों को मुश्किल वक्त में सहायता पहुंचाई है।
एक तरफ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के दरों में लगातार बढ़ोतरी करके किसानों के कल्याण के लिए अपने समर्पण को दोहराने का काम किया है, वहीं ई-क्षतिपूर्ति के माध्यम से नायब सैनी सरकार ने हजारों किसान परिवारों को नया संबल देने की कोशिश की है।

रबी फसलों के लिए किसानों को मिली क्षतिपूर्ति
बीते 21 जून को ही मुख्यमंत्री ने इस साल रबी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए 49,325 किसानों के खातों में 134 करोड़ रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की है।

हरियाणा में इस साल कुल 1,22,147.717 एकड़ की रबी फसलों को नुकसान हुआ है, जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से ई-क्षतिपूर्ति के माध्यम से करीब 134 करोड़ रुपए की रकम जारी की गई है। भिवानी के बिट्स इंटरनेशनल स्कूल में इसके लिए खास कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
'हर जन को राहत' हरियाणा सरकार का संकल्प
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह कहते हैं, 'हरियाणा सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए तत्पर है। चाहे वह किसान हो, मजदूर हो या अंत्योदय परिवार, हरियाणा सरकार सदैव जनकल्याण के लिए कदम उठाती रहेगी।' इसके लिए राज्य सरकार 'हर जन को राहत' के आधार वाक्य के साथ काम करती आ रही है।

अंत्योदय परिवारों का भी रखा ध्यान
जिस कार्यक्रम में सीएम सैनी ने किसानों को उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति की, उसी में उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय अंत्योतय परिवार सुरक्षा योजना के तहत साढ़े तीन हजार से ज्यादा लाभार्थी परिवारों के खातों में 131 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी आवंटित की।

हरियाणा में इस तरह की सहायता की एक श्रृंखला चल रही है और इससे पहले भी करीब 8 हजार लाभार्थियों को यह सहायता दी जा चुकी है और उनके खातों में करीब 300 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि डाली जा चुकी है।

गरीब और अन्नदाता पिछले करीब एक दशक से हरियाणा सरकार की पहली प्राथमिकता में शामिल रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी जो कदम उठाए हैं, वह एक ताजा उदाहरण भर है। क्योंकि, इन वर्गों का कल्याण मौजूदा सरकार की नीति है और हालिया फैसले से लगता है कि वह इसपर अमल करने की भरपूर कोशिश कर रही है।


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