Haryana News: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय गीता मेला अधिनियम लागू कर दिया है। 'हरियाणा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला अथॉरिटी अधिनियम 2024' लागू होने से विश्व विख्यात इस मेले का स्वरूप और बेहतर हो सकेगा।
अभी तक गीता जयंती महोत्सव के लिए कोई भी स्वतंत्र प्राधिकार की व्यवस्था नहीं थी। अब मुख्यमंत्री की अगुवाई वाली एक अथॉरिटी गीता मेले से जुड़े सभी तरह के कार्यक्रमों को संचालित करेगी। नायब सिंह सैनी सरकार के इस कदम से मेले में आने वाले लोगों को और भी बेहतर सुविआएं उपलब्ध होना आसान होगा।

अथॉरिटी बनने से गीता महोत्सव और बेहतर होगा स्वरूप
इस अथॉरिटी को वैधानिक दर्जा देने से इसके प्रबंधन में ज्यादा आसानी होगी और कई तरह की रुकावटों से भी मुक्ति मिल सकेगी। यह अथॉरिटी सिर्फ गीता मेला का ही आयोजन नहीं करवाएगी, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक सेमिनार, वर्कशॉप, मेले, प्रदर्शनी और कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करवाएगी।
पिछले बजट सत्र में ही हरियाणा सरकार ने राज्य विधानसभा से यह बिल पास करवाया था, जिसपर गवर्नर की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने उसे अब अधिसूचित कर दिया है।

2016 से हो रहा है आयोजन
हरियाणा सरकार ने पहले कुरुक्षेत्र की पौराणिक विरासत को सहेजने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) का गठन कर रखा था। हरियाणा में 2016 से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजित करने की शुरुआत हुई थी। तब से हर साल इसका आयोजन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और राज्य सरकार संयुक्त रूप से करते थे। लेकिन, अब से यह पूरी जिम्मेदारी नई वैधानिक संस्था पर आ जाएगी।

पवित्र भगवद गीता के ज्ञान का प्रसार है मकसद
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का उद्देश्य पवित्र भगवद गीता के ज्ञान पूरे संसार तक प्रसारित करना है। हरियाणा सरकार के इस कदम से अब गीता महोत्सव में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए और भी बेहतर सुविधाओं का इंतजाम हो सकेगा।
अथॉरिटी के लिए फंडिंग की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी, जिसमें फीस, शुल्क, टोल्स और अन्य तरह के सरचार्ज से रकम जुटाई जाएगी। इस अथॉरिटी का अधिकार क्षेत्र महोत्सव से जुड़े सभी तरह की स्थाई और अस्थाई संपत्तियों पर होगी।

इस तरह की होगी अथॉरिटी
मुख्यमंत्री खुद इस अथॉरिटी के चेयरपर्सन होंगे। साथ ही शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री इसके सीनियर वाइस-चेयरपर्सन होंगे। वहीं राज्य सरकार किसी प्रतिष्ठित और नामचीन शख्सियत को इसके वाइस-चेयरपर्सन के तौर पर नियुक्त करेंगे।

गीता महोत्सव के मौके पर हर साल कुरुक्षेत्र आध्यात्मिक केंद्र बन जाता है। यहां देश-विदेश के लोग पहुंचते हैं, इसलिए राज्य सरकारी की जिम्मेदारी बन जाती है कि उन्हें उसी तरह की व्यवस्था मिले और हरियाणा से लौटें तो यहां की अच्छी यादें लेकर जाएं।
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