उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में योगी आदित्यनाथ ने 2017 में प्रदेश की सत्ता संभाली। सत्ता संभालने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को शीर्ष वरीयता में रखा। अपराधियों, भू माफिया, बाहुबलियों के खिलाफ प्रदेश की पुलिस ने मोर्चा खोल दिया। एक के बाद एक पुलिस ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई एनकाउंटर हुए।
कानून व्यवस्था हमेशा से ही एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है, ऐसे में योगी सरकार इस मुद्दे पर आगे खुद को फ्रंट फुट पर रखना चाहती है। योगी आदित्यनाथ कई मौको पर कह चुके हैं कि अपराधियों के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। पुलिस ने अपराध के खिलाफ मजबूती से कदम उठाए, जिसके परिणाम स्पष्ट तौर पर दिख भी रहे हैं। योगी सरकार ने खुद की एक पहचान बुल्डोजर बाबा के नाम से भी बनाई है।

जिस तरह से अपराधियों के खिलाफ यूपी पुलिस ने कार्रवाई की है वह दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल है। गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों से संपत्ति जब्त करने का प्रावधान पहले से था, लेकिन इसका इस्तेमाल पिछले सात वर्षों में यूपी पुलिस ने आगे बढ़कर किया, जिसका असर स्पष्ट तौर पर दिखना शुरू हुआ। प्रदेश की पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ सबसे कड़ा रुख दिखाया। माफिया मुख्तार अंसारी को चार दशक के बाद सजा हुई। विजय मिश्रा, धनंजय सिंह सहित कई माफियाओं को आखिरकार सजा हुई।
प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था का असर प्रदेश में आर्थिक निवेश के तौर पर भी सामने नजर आ रहा है। प्रदेश में पिछले महीने हुई ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 10.24 लाख करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर उतरा। पिछले वर्ष 40 लाख करोड़ रुपए के एमओयू पर साइन किए गए। सरकार उद्यमियों का भरोसा जीतने में सफल हुई। प्रदेश में विदेशी निवेश तकरीबन 400 गुना बढ़ा है।
प्रदेश सरकार ने विशेष सुरक्षा बल का गठन किया है। इसके साथ ही तीन महिला पीएसी बटालियन और यूपी स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेंसिंक साइंसेज की स्थापना की गई है। प्रदेश सरकार ने पिछले 7 वर्षों में 155629 नई भर्तियां की हैं जबकि 141866 पदोन्नति की है, जिसने पुलिस तंत्र को मजबूत करने के साथ उसके मनोबल को बढ़ाने का काम किया है। पुलिस विभाग में आवासीय भवों का निर्माण, नए थानों के निर्माण ने भी पुलिस तंत्र को मजबूती दी है।
प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या पिछले सात वर्षों में तकरीबन ढाई गुना बढ़ी है। 2017 में यूपी पुलिस में 13842 महिला पुलिसकर्मी थीं,जोकि बढ़कर 33877 हो गई है। यही नहीं वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पुलिस विभाग के बजट को 39550 करोड़ रुपए से अधिक कर दिया गया है, जोकि पिछले बजट से 2381 करोड़ रुपए अधिक है।


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