ओडिशा के आदिवासी बहुल सुंदरगढ़ जिले में धान की खरीद शुरू हुए 12 दिन हो चुके हैं लेकिन कई वजहों के कारण किसान सरकार के खरीद केंद्र पर अनाज की बिक्री के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों से मंडियों में धान की बहुत धीमी आवक है। आइए जानते हैं आखिर क्या वो वजह है जो सरकारी खरीद केंद्र पर सुंदरगढ़ के किसाना क्यों धान बेचने नहीं पहुंच पा रहे हैं?

सुंदरगढ़ के कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार सेटलाइट सर्वे में धान की फसल के भूखंडों के बारे में विसंगतियों का पता चलने के बाद कई किसानों के बिक्री टोकन रोक दिए गए हैं। सर्वेक्षण निष्कर्षों की एक ताजा सारणी के बाद उन किसानों को टोकन जारी किए जाएंगे।
वहीं जिन किसानों को टोकन जारी किया गया है उन्हें सुंदरगढ़ समेत अन्य क्षेत्रों में पिछले दिनों असामयिक बारिश हुई जिसके कारण भीगी हुई उपज को सुखाने में समय लग रहा है। सुंदरगढ़ में धान की खरीद प्रतीकात्मक रूप से 15 दिसंबर को शुरू हुई थी और सभी 134 धान खरीद केंद्र (पीपीसी) खोलने में लगभग एक सप्ताह और लग गया।
सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार (डीआरसीएस) ने कहा कि मंगलवार रात तक 2,034 बिक्री टोकन के मुकाबले 76,479 क्विंटल की खरीद की गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि खरीद प्रक्रिया अब तक धीमी रही है, कुछ पीपीसी में, किसान विभिन्न कारणों से निर्धारित तिथियों पर नहीं आ रहे हैं।


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