ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास पिछले कुछ हफ्तों से प्रदेश के किसी ना किसी एक जिले का दौरा कर रहे हैं और यहां पर किसानों की समस्याओं को सुन रहे हैं। इस बीच राज्यपाल ने सिंचाई के लिए छोटे प्रोजेक्ट की वकालत की है। कृषि ओडिशा सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधा कि जिस स्तर पर विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ है। प्रदेश में 70 फीसदी लोग गांव में रहते हैं और यहां के लोग पूरी तरह से कृषि पर निर्भर हैं, लिहाजा बड़ी सिंचाई सुविधाओं के बजाए छोटी सिंचाई सुविधाओं को लाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के अनुसार ही सिंचाई सुविधा मुहैया करानी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि किसान दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक हैं। पहाड़ी इलाको में चेक डैम और डाइक जैसी छोटी परियोजनाएं किसानों के काफी काफी लाभकारी हो साबित हो रही हैं। कृषि विभाग को ब्लॉक और पंचायत स्तर पर काम करते हुए छोटी सिंचाई परियोजनाओं की योजना बनानी चाहिए जिससे छोटे किसान अधिक फसल उगा सकें।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के हर किसान को 2000 रुपये की तिमाही किश्त की वित्तीय मदद दी है। लेकिन ओडिशा में कई किसान अभी भी पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली इस योजना के वंचित हैं जोकि चिंता का विषय है। प्रदेश में इसके लिए योग्य किसानों की पहचान की जानी चाहिए और हर पात्र किसान को 2000 रुपए की तिमाही किश्त की मदद मिलनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पात्र किसानों को पीएम फसल योजना के तहत कवर किया गया है लेकिन कई ऐसे किसान हैं जिन्हें प्रदेश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड तक नहीं दिया गया है।
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