ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाने के लिए और उन्हें स्कूल वापस लाने के लिए बड़े अभियान की शुरुआत की है। प्रदेश में स्कूल छोड़ने की दर को शून्य पर लाने के उद्देश्य से राज्यपाल ने पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान का आह्वान किया है।
राज्यपाल ने छेंदीपाड़ा के सरकारी स्कूल के प्लैटिनम जुबिली कार्यक्रम के दौरान पर मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए कहा कि यह बड़ी चिंता का विषय है कि प्रदेश में स्कूल छोड़ने की दर 49 फीसदी है। ऐसे में स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को शून्य पर लाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि हर किसी की है। हर किसी को स्कूल ड्रॉपआउट की दर को शून्य पर लाने की दिशा में काम करना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि लड़के और लड़कियों में किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओं नाम की योजना की शुरुआत की है, जिसमे लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। हर महिला को सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह के बगैर शिक्षा हासिल करने का अधिकार है। शिक्षा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री खुद इस दिशा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधुनिकीकरण करके विकसित भारत की जरूरतों को ध्यान रखते हुए इसे लागू करा रहे हैं।


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