ओडिशा राज्य गांजा और चरस के उपयोग के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है। वहीं शराब उपयोग के मामले में ओडिशा शीर्ष स्थान पर है। इसके अलावा नशीले पदार्थों के बढ़ते उपयोग के मामलों में वृद्धि ने राज्य की पटनायक सरकार की चिंता बढ़ा दी है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मामलों में वृद्धि और ओडिशा के विभिन्न हिस्सों से नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित पदार्थों की लगातार जब्ती से चिंतित, राज्य सरकार ने व्यापक अभियान चलाने की योजना बनाई है।

इस खतरे का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार को जो व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है उसमें शैक्षिक संस्थानों, पीआरआई सदस्यों, नागरिक समाज संगठनों, युवा आइकन और मशहूर हस्तियों को शामिल करने की येाजना भी बनाई है।
गौरतलब है कि ओडिशा उन शीर्ष तीन जगहों में एक है जहां पर ओपिओइड और कैनाबिस के उपयोग की समस्या वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक है और शराब और शामक-संबंधी समस्याओं के लिए सहायता की आवश्यकता वाले लोगों के साथ शीर्ष 10 में है।
ओडिशा में बढ़ती नशाखोरी को रोकने के लिए ब्रम्हाकुमारी, रामकृष्ण मिशन और आर्ट ऑफ लिविंग जैसे संगठनों में नशीली दवाओं की लत मुक्ति पर अभियान के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का फैसला लिया है। इस माड्यूल के तहत युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन के प्रति प्रेरित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में एक अभियान शुरू किया जाएगा।
स्कूल के पाठ्यक्रम में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मुद्दों के महत्व जैसे विषयों को शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है।
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों का सशक्तिकरण (एसएसईपीडी) विभाग, उत्पाद शुल्क विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से नशीली दवाओं की मांग और लत को कम करने के लिए रणनीति तैयार करेगा।
इस योजना के तहत ओडिशा में नशामुक्ति गतिविधियों की योजना और समन्वय के लिए एक राज्य निगरानी सेल की स्थापना की जाएगी। नशीली दवाओं के आदी लोगों के माता-पिता को जागरूक करने की आवश्यकता है, इसलिए जिला समितियों को बड़े पैमाने पर जागरूकता के लिए नशामुक्ति में रुचि रखने वाले सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों और अभिभावकों सहित स्वयंसेवकों को शामिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मादक द्रव्यों के सेवन पर जागरूकता फैलाने के लिए रोटरी और लायंस सहित विभिन्न क्लबों के अलावा गैर-सरकारी और अन्य नागरिक संगठनों के साथ भी सहयोग करेंगे। सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक समान कार्यक्रम की तर्ज पर 'ड्रग खतरे' विषय पर एक राष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का प्रस्ताव किया गया है।
एसएसईपीडी विभाग के प्रधान सचिव बिष्णुपद सेठी ने बताया राज्य में नशीली दवाओं की मांग और लत को कम करने के लिए कई योजनाएं तो बनाई गई है साथ ही प्रसिद्ध खिलाड़ियों, नेताओं, युवा आइकन और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों से जुड़ी अभियान गतिविधियों की निगरानी के लिए नशा मुक्त भारत अभियान समिति का गठन किया गया है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications