ओडिशा सरकार राज्य के ट्रांसजेंडर समुदाय और अनाथ बच्चों को उच्च शिक्षा सहायता हासिल करने में मदद कर रही है। ओडिशा सरकार उच्च शिक्षा विभाग के जरिए गरीब सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों को तीन छात्रवृतियां प्रदान की जा रही है।

ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्रों, बाल विवाह से बचाई गई लड़कियों और अनाथों (बिना किसी जैविक, दत्तक या कानूनी माता-पिता के) को अब उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए राज्य सरकार से वित्तीय सहायता दी जा रही है।
उच्च शिक्षा विभाग गरीब सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्रों को तीन छात्रवृत्तियां दे रहा है। जिसमें पहली ई-मेधाब्रुति छात्रवृत्ति, दूसरी व्यासकाबी फकीर मोहन भसाब्रुति और तीसरी गोपबंधु सिख सहायता योजना है।
ओडिशा की पटनायक सरकार गोपबंधु योजना के तहत एचआईवी/एड्स से प्रभावित माता-पिता, मैला ढोने वालों, सिंगल मदर, निराश्रित, खासकर कमजोर जनजातियों (पीवीटी) और आश्रय रहित परिवारों के बच्चों को प्रति वर्ष 20,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
बता दें सरकार ये स्कूल गोपबंधु सिख्य सहायता योजना के तहत है जो 2018-19 से कार्यान्वयन के अधीन है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र (2023-24) से स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए राज्य के सार्वजनिक और निजी संस्थानों में सामान्य और तकनीकी दोनों पाठ्यक्रमों में स्नातक (पीजी) छात्रों को शामिल किया है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि सरकार की इस योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होगी। इसके अलावा, बाल विवाह से बचाई गई लड़की तब तक सहायता प्राप्त करने की पात्र होगी जब तक वह शैक्षणिक वर्ष के एक बड़े हिस्से के लिए पुनर्वास केंद्र या छात्रावास में रहती है और शैक्षणिक वर्ष तक जब वह 21 वर्ष की हो जाती है या शादी कर लेती है।
इस योजना के तहत आने पात्र छात्र ओडिशा राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जिला कलेक्टर द्वारा गठित एक समिति पात्र आवेदकों की सूची को अंतिम रूप देगी और इसे विभाग को अग्रेषित करेगी। खास बात ये है कि ये योजना ओडिशा के उन छात्रों पर भी लागू होगी, भले ही वे अन्य छात्रवृत्तियां प्राप्त कर रहे हों।


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