ओडिशा सरकार ने प्रदेश में सूक्ष्म और लघु विनिर्माण उद्यमों के लिए प्रदेश की खरीद वरीयता नीति 2023 को मंजूरी दे दी है। उत्पादों की खरीद के लिए यह नीति प्रदेश सरकार के हर प्रतिष्ठान में लागू होगी। हालांकि यह नीति वर्क कॉन्ट्रैक्ट, ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट और सेवाओं पर लागू नहीं होगी।
प्रदेश सरकार की इस नीति का मुख्य उद्देश्य लघु और सूक्ष्म विनिर्माण उद्यमों को मदद करना है जिनका टर्नओवर 50 करोड़ रुपए से अधिक नही है। जिन स्टार्टअप का सालाना टर्नओवर 50 करोड़ रुपए से अधिक नहीं है उन यूनिट्स को भी इस नीति का लाभ मिलेगा।

ओडिशा में इस नीति के तहत बड़ी संख्या में लघु विनिर्माण उद्यमों को सूचिबद्ध किया जाएगा। राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों द्वारा ऐसे सामानों की खरीद अनिवार्य रूप से केवल ओडिशा लघु विनिर्माण उद्यमों तक सीमित प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर की जाएगी। जो उत्पाद इस लिस्ट में शामिल नहं होंगे उन्हे खुली निविदा के माध्यम से खरीदा जाएगा।
उदाहरण के तौर पर अगर एल1 बोली 100 रुपए की है और सबसे कम बोली लगाने वाले ओडिशा एनरोल मैन्युफैक्चरिंग इंटरप्राइजेस की बोली 111 रुपए होगी। नई नीति के तहत ओडिशा लघु विनिर्माण उद्यमों को निविदा पत्र और ईएमडी की लागत जमा करने में छूट मिलेगी। इसके साथ ही वार्षिक टर्नओवर में भी छूट दी जाएगी। खुली निविदा के लिए वार्षिक टर्नओवर पर भी छूट दी जाएगी।


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