ओडिशा सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर रोडमैप तैयार करने पर फोकस कर रही है। इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के सहयोग से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस दिशा में बड़े प्रयास रहा है।
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के सहयोग से नई दिल्ली स्थित वसुधा फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा, ओडिशा जलवायु परिवर्तन के लिए राज्य कार्य योजना तैयार करने वाला देश का पहला राज्य है।

ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक के मुरुगेसन ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिए एक रोडमैप तैयार कर रही है और यह जल्द ही तैयार हो जाएगा।
मुरुगेसन ने कहा, "हम नेट जीरो रणनीति (जीरो कॉर्बन उत्सर्जन) के लिए रोडमैप तैयार कर रहे हैं। हमने अवसरों, चुनौतियों और संभावित समाधानों पर चर्चा की, जिन्हें राज्य शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जक बनने की दिशा में लागू कर सकता है। संभावित रास्तों पर हितधारकों से एकत्र किए गए इनपुट से ओडिशा को शुद्ध शून्य अर्थव्यवस्था शुरू करने में मदद मिलेगी, "
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के सहयोग से नई दिल्ली स्थित वसुधा फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में वसुधा फाउंडेशन के सीईओ श्रीनिवास कृष्णस्वामी ने डीकार्बोनाइजेशन के लिए मजबूत मार्गों के विकास के लिए डेटा और सूचना तक पहुंच का महत्व बताया। उन्होंने भारत जलवायु और ऊर्जा डैशबोर्ड प्रस्तुत किया, जिसे फाउंडेशन ने नीति आयोग के साथ साझेदारी में विकसित किया है।
वहीं अन्य संस्थान भी इस प्रयास में जुटे हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन में इस विषय को लेकर XIM यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी की डीन सुतापा पति, ICC स्टेट काउंसिल के चेयरपर्सन जेबी पैनी और ICC के क्षेत्रीय निदेशक जेपी पाल ने भी अपने विचार रखे।


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