Chhattisgarh: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ट्राम्बे ,मुंबई के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर राज्य में नाभकीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने तथा परमाणु ऊर्जा की उपयोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, ट्राम्बे, मुंबई की अर्चना शर्मा डायरेक्टर, बीम टेक्नोलॉजी और ज्योति दीवान,साइंटिफिक ऑफिसर बी ए आर सी ने मुख्यमंत्री साय को छत्तीसगढ़ राज्य में परमाणु ऊर्जा की कृषि, बिजली और अन्य उपयोग की संभावनाओं के बारे में बताया l
वैज्ञानिकों ने बताया कि नाभकीय ऊर्जा संयंत्र को स्थापित करना, जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य को पाने के लिए आज के समय की प्राथमिकता है । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में परमाणु ऊर्जा विभाग की कोई भी इकाई नहीं है। छत्तीसगढ़ में संयंत्र लगाने पर इसका राज्य को अच्छा लाभ मिलेगा और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे l उच्च तकनीक पर आधारित नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों का भी उत्थान होगा ।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ वनोपज सहित खनिज संसाधनों से भरपूर है। इसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।उन्होंने वैज्ञानिकों से चर्चा के दौरान राज्य में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उनके प्रस्ताव पर अपनी रुचि दिखाई और इस दिशा में सरकार की ओर से समुचित रूप से प्रयास करने का आश्वासन दिया l इस मौके पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के विभागाध्यक्ष अनुवांशिकी एवम पौध प्रजनन विभाग के डॉक्टर दीपक शर्मा भी मौजूद थे।
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