CHHATTISGARH: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने फैसला लिया है कि अब प्रदेश में शराब की कोई भी नई दुकान नहीं खुलेगी। बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2024-25 को मंजूरी दे दी बताया कि राज्य में कोई नई शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी।

अरुण साव ने बताया कि नयी विधान सभा के दूसरे सत्र (बजट सत्र) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी गयी।बजट सत्र 5 फरवरी से शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं,जिन्हें बिन्दुवार समझा जा सकता है।
(1)छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधानसभा के द्वितीय सत्र फरवरी-मार्च 2024 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
(2)तृतीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2023-2024 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
(3) बजट अनुमान वर्ष 2024-25 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
(4) छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2024-25 का अनुमोदन किया गया है। यह निर्णय लिया गया है कि कोई भी नई मदिरा दुकान नहीं खोली जाएगी।
छत्तीसगढ़ सिविल न्यायालय (संशोधन) विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है।
(5) इस संशोधन में 'जिला न्यायाधीश' को 'प्रधान जिला न्यायाधीश' और 'अपर जिला न्यायाधीश' को 'जिला न्यायाधीश' करने का प्रावधान रखा गया है। इसी तरह 'व्यवहार न्यायाधीश प्रथम वर्ग' को 'व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी' तथा 'व्यवहार न्यायाधीश द्वितीय वर्ग' को 'व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी' तथा 'जिला न्यायालय' को 'प्रधान जिला न्यायालय' से प्रतिस्थापित करने का प्रावधान रखा गया है।
(6) उच्च न्यायालय बिलासपुर में ज्वाईंट रजिस्ट्रार (एम) के 5 पद आकस्मिकता निधि से सृजित करने का निर्णय लिया गया है।
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