Madhya Pradesh News: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा एमपी का किसान ग्रीन हाइड्रोजन, बायो एविएशन फ्यूल, बायो सीएनजी और बायो एलएनजी निर्माण की दिशा में कार्य करने अन्नदाता से आगे बढ़कर ऊर्जा दाता बन सकता है।
नितिन गडकरी ने कहा कि कृषि से उपजे बायोमास को एनर्जी क्रॉप्स में परिवर्तित करें। पानीपत में इंडियन ऑयल के बिटुमिन प्लांट का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि प्रदेश में पराली से 1 लाख लीटर एथेनॉल, 1.5 टन बिटुमिन और 75 हजार टन हवाई ईंधन तैयार किया जाता है। यह उत्पाद हवाई जहाज के ईंधन के रूप में उपयोग किए जा सकते है।

इसे सस्टेनेबल एवियशन फ्यूल कहा गया है। दो साल पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में बायो फ्यूल का उपयोग किया गया था। उन्होंने कहा कि कोयले से मिथनोल बनाया जाता हैं। डीजल में 15% मेथेनॉल मिलाकर बेंगलुरु में 25 बसें चलाने का प्रयोग सफल रहा है। मध्य प्रदेश में कोयले के प्रचुर भंडार उलब्ध हैं।
मिथेनॉल की दर 22 रुपए लीटर और डीजल की 93 लीटर है। इस तरह मिथनॉल डीजल की अपेक्षा सस्ता ईंधन है। कोल माइन में मिथनॉल से चलने वाली मशीनें और ट्रक उपयोग करें। इन सब चीजों से देश में फॉसिल फ्यूल्स का आयात में कमी आयेगी। डीजल और पेट्रोल के उपयोग से होने वाला प्रदूषण कम होगा।
मध्यप्रदेश में ऐसा प्रयोग करने और इस दिशा में अग्रणी होने की क्षमता है। देश का किसान देश के लिए ऊर्जा तैयार करेगा और देश ऊर्जा आयात करने वाला नहीं बल्कि ऊर्जा निर्यात करने वाला देश बनेगा। मध्यप्रदेश में फसल, फल सहित कृषि उत्पादों का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड से लगी सरकारी जमीन पर प्री कूलिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक पार्क आदि का विकास किया जा सकता है। इससे प्रदेश की सब्जी, फल और अन्य उत्पाद दुनिया के दूसरे देशों तक जाएंगे। इससे किसानों को फसल का सही दाम मिलेगा और क्षेत्र का विकास होगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने प्रदेश के विकास में उनके मंत्रालय से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।


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