ओडिशा में मिलेट मिशन की नीति आयोग ने तारीफ की है। जिस तरह से ओडिशा के कोरापुट जिले में रागी का उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है उसकी केंद्र सरकार की थिंक टैंक नीति आयोग ने तारीफ की है। ओडिशा बाजरा मिशन ने किसानों को आय के अवसर पैदा करने का मौका दिया है, जिसके चलते रागी का उत्पादन काफी बढ़ा है।
नीति आयोग का कहना है कि पहले कम उत्पानद की वजह से लामटापुट ब्लॉक के किसान रागी का उत्पादन व्यापार के लिए नहीं करते थे, वो सिर्फ इसे अपनी खपत के लिए उगाते थे, लेकिन प्रदेश सरकार की नीति की वजह से किसान अब रागी का उत्पादन बिक्री के लिए भी करने लगे हैं।

आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत किसानों को कृषि की नई पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रदान और कोरापुट नारी शक्ति फार्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी जैसे संगठन विशेष ट्रेनिंग दे रही हैं। फिंगर बाजरा पर अनियमित बारि के प्रभाव को कम करने के लिए नर्सरी और बाजरा गहनता प्रणाली को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों का उत्पादन बढ़ा है, साथ ही किसानों की मंडी में अधिक बाजरा को मंडी में बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, उन्हें इसपर एमएसपी का भी लाभ मुहैया कराया जा रहा है।
ओडिशा मिलेट मिशन ओडिशा सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, इसका मुख्य उद्देश्य खेतों में बड़ी मात्रा में मिलेट्स की पैदावार को बढ़ाना है। पहले चरण में इसे सात जिलों गजपति, कालाहांडी, कंधमाल, कोरापुट, मलकानगिरी, नुआपाड़ा और रायगड़ा में शुरू किया गया। बाद में इसे 11 जिलों 65 ब्लॉक में आगे बढ़ाया गया। दूसरे और तीसरे चरण में इसे 15 जिलों के 84 ब्लॉक में विस्तारित किया गया। मौजूदा समय में प्रदेश सरकार इस योजना को 19 जिलों में 142 ब्लॉक से बढ़ाकर 30 जिलों में 177 ब्लॉक में चला रही है।


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