ओडिशा सरकार ने कैबिनेट की बैठक में ओडिशा जैव प्रौद्योगिकी नीति 2024 को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत संयंत्र और मशीनरी में निवेश करने पर निवेशित पूंजी पर सब्सिडी दी जाएगी, बड़ी और मेगा इकाइयों को भी क्रेडिट लिंकेज और पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क आदि में मदद के साथ छूट मुहैया कराई जाएगी।
यह नीति उच्च शिक्षा, अनुसंधान, बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देगी। साथ ही यह नीति उद्यमों और उद्योगों के निर्माण के लिए 5I यानि नवाचार, उष्मायन, निवेश, आय और प्रभाव के तंत्र को मजबूत करने का काम करेगी।

वहीं संयंत्र और मशीनरी में वास्तविक निवेश पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। बड़ी और मेगा इकाइयों को आसान लोन की मदद दी जाएगी, जो उच्च-स्तरीय प्रौद्योगिकियों का उपयोग करेंगे। इस नीति के तहत पेटेंट, जीआई, ट्रेडमार्क और डिजाइन के पंजीकरण के लिए प्रतिपूर्ति बढ़ाया जाएगा।
साथ ही मान्यता प्राप्त संस्थानों से गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। योग्य जैव प्रौद्योगिकी इकाइयों, स्टार्ट अप को अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करने के लिए वित्तीय मदद की जाएगी।
मुख्य सचिव पीके जेना ने पांच तक के लिए लागू रहने वाली इस नीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ओडिशा की समृद्ध जैव विविधता मजबूत शैक्षणिक और अनुसंधान वातावरण के साथ मिलकर जैव-उद्योगों के विकास के लिए अपार संभावनाओं का सृजन करते हैं।


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