मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की मंत्रिपरिषद ने कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के विकास लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। गांवों में बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए 1500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023-24 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अधोसंरचना विकास योजना इस अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले के तहत इंदौर-उज्जैन 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में विकसित करने की स्वीकृति दी गई हैं। इसकी लम्बाई 45.475 किलोमीटर है।
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में उज्जैन व्यापार मेले में सेल किए गए वाहनों के पंजीकरण को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। व्यापार में बिके वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर छूट दी जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यापारियों को लेकर ये निर्णय लिया गया है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद द्वारा उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2024 में गैर- परिवहन यानों तथा हल्के परिवहन यानों के विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।

वहीं मंत्रिपरिषद ने इंदौर-उज्जैन 4-लेन को 6-लेन के विकास के लिए 1692 करोड़ रूपये की स्वीकृति करने को मंजूरी दी है। स्कीम के तहत 1692 करोड़ रूपये लागत से 45.475 किमी के इंदौर-उज्जैन 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (40:60) अंतर्गत निर्माण किया जाना है। इसके अलावा स्कीम के तहत पूरे स्ट्रक्चर को 6 लेन करने के सा 1.10 किलोमीटर दूरी तक शनि मंदिर एप्रोच रोड को 3-लेन का भी चौड़ीकरण किया जाना है।
वहीं मंत्रिपरिषद ने सहायक प्राध्यापक (दंत रोग), मेडिकल कॉलेज, जबलपुर एवं डॉ. नरेन्द्र कुमार कोष्टी, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र), शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर को सदस्य नियुक्त करने का अनुमोदन कर दिया है। बता दें कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में 1 अध्यक्ष एवं 4 सदस्यों सहित कुल 5 पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में एक अध्यक्ष एवं दो सदस्य कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्यों के दो रिक्त पद पर चयन समिति की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में डॉ. एच.एस. मरकाम की नियुक्ति हुई है।
कृषि क्षेत्र के विकास लिए बड़ा निर्णय
खण्डवा जिले की तहसील खालवा के ग्राम रोशनी के समीप घोड़ापछाड़ नदी पर आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना सिंचित क्षेत्र 6703 हेक्टेयर रबी के लिए 224 करोड़ 46 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक- 2024 के माध्यम से मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 में संशोधन की स्वीकृति दी गई हैं। संशोधन अनुसार नए क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय अंतर्गत खरगोन समेत अन्य जिलों और नए तात्या टोपे विश्वविद्यालय अंतर्गत गुना, अशोकनगर सहित अन्य जिलों के महाविद्यालयों को शामिल किया जाएगा।


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