MP News: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्ययोजनाएं तैयार कर रही है। राज्य के जनजातीय कार्य मंत्री डा. विजय शाह ने इंदौर संभाग के जिलों की विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्त्वपूर्ण निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने आदिवासी इलाकों के बच्चों के उज्जवल भविष्य की नीव तैयार करने कई योजनाओं को अमल में लाने पर बल दिया। मंत्री विजय शाह ने कहा है कि शासन स्तर पर जल्द ही ऐसी योजना बनाई जाएगी, जिससे सभी जनजातीय विद्यार्थी 12वीं के बाद रोजगार उन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए कोलेटरल फ्री ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

मंत्री विजय शाह ने सोमवार को अफसरों को निर्देश दिए है कि जिला मुख्यालय एवं आदिवासी बाहुल्य विकासखंड में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण केंद्र के साथ ही ई लाइब्रेरी भी बनाई जाए। उन्होंने कहा है कि सभी 8 जिला मुख्यालय में यह कार्य 2024 के अंत तक संपन्न हो जाना चाहिए और सभी 40 विकासखण्ड में यह कार्य 2025 के अंत तक संपन्न कराया जाए। शाह ने कहा कि इन प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से हम आदिवासी जनजाति विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा के लिए तैयार कर सकते हैं। इसके लिए हम प्रशिक्षण केंद्रों का जिले या ब्लॉक लेवल पर प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से टाइअप कर सकते हैं। ई लाइब्रेरी के जरिये से दूरस्थ क्षेत्र के भी विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
मंत्री विजय शाह ने इंदौर संभाग अंतर्गत निर्माण कार्य का संबंधित विभागीय अधिकारी भौतिक मॉनिटरिंग अवश्य करें। यह विभागीय अधिकारियों की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जिस वित्तीय वर्ष में कार्य स्वीकृत किए गए हैं उनका निर्माण कार्य उसी वर्ष में शुरू कर दिया जाए। ऐसे निर्माण कार्य जो अधिक समय से लंबित है उनकी एक अलग लिस्ट तैयार की जाए।
मंत्री विजय शाह ने इंदौर संभाग अंतर्गत 1 हजार 166 छात्रावासों अधीक्षकों का अनिवार्य रूप से हर वर्ष 3 से 6 दिवस का मनोविज्ञान प्रशिक्षण कराने कहा है,ताकि अधीक्षक छात्र-छात्राओं की मानसिक स्थिति समझ सकें और उन्हें उचित परामर्श भी दे सकें। शाह कहा है कि सभी छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरा अवश्य लगाया जाए जिससे अनावश्यक को छात्रावास में प्रवेश न कर सके। विशेष तौर पर लड़कियों के छात्रावास में नाइट विजन वाले सीसीटीवी कैमरा लगाने और संरक्षक की नियुक्ति की जाने के निर्देश जारी किये हैं। साथ ही यह भी कहा है कि अब संरक्षक की जिम्मेवारी रहेगी कि वह हर महीने अधीक्षक के साथ जाकर छात्रावास का निरीक्षण करें साथ ही हर दो महीने में छात्रों के पालकों के साथ भी बैठक करें।
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