OPINION: हेल्थ सेक्टर में मोहन सरकार ने किए कई बड़े सुधार, अब MP की जनता को होगा फायदा

अपनी सरकार के कार्यकाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई नई पहल की है। सीएम मोहन यादव ने इन्हीं प्रयास ने राज्य को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बना दिया है। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि पिछले छह महीनों में स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभागों के बीच सहयोग से चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच में सुधार हुआ है।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आम जनता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। तो वहीं, पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य के निवासियों के लिए एक उल्लेखनीय पहल है। यह सेवा आपातकालीन और दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच को आसान बनाएगी।

MP CM Mohan Yadav

मरीजों को बेहतर चिकित्सा केन्द्रों तक एयर लिफ्ट भी किया जा सकेगा। यह सेवा आयुष्मान कार्ड धारियों के लिए पूरी तरह फ्री रहेगी। सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 'हेली एम्बुलेंस' और 'फिक्स्ड विंग कन्वर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस' की शुरुआत की है, जो प्रशिक्षित मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ सभी जिलों में तैनात हैं।

इस सेवा का माध्यम से मरीजों को जरूरत पड़ने पर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में पहुंचाया जा सकेगा। एमपी सरकार ने बताया है कि राज्य में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग का विलय कर 'लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग' का पुनर्गठन किया गया है।

इस निर्णय से मेडिकल कॉलेज में रूटीन चिकित्सा सेवाओं के बजाय बेहतर इलाज मिल सकेगा और शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर की निगरानी हो सकेगी। तो वहीं, पर्यावरण स्वच्छता, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए FSSAI के 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' कार्यक्रम के तहत महाकाल महालोक के नीलकंठ वन परिसर और अवंतिका हाट के बीच 1.75 करोड़ रुपये की लागत से प्रसादम विकसित किया गया है।

वहां 17 दुकानों वाला क्लीन स्ट्रीट फूड हब बनाया गया है। इतना ही नहीं, दतिया, खंडवा, रतलाम, शहडोल, विदिशा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सतना, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली सहित 13 जिलों में नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रत्येक कॉलेज का बजट 14.80 करोड़ रुपये है, जिसमें कुल 192.40 करोड़ रुपये की मंजूरी मुख्यमंत्री यादव ने दी है।

इसके अलावा, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के आयोजन को ध्यान में रखते हुए नए सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण में सिविल कार्यों के लिए 592.30 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत देशभर में 34 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश 4 करोड़ कार्ड के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश (5.09 करोड़) दूसरे और बिहार (2.91 करोड़) तीसरे स्थान पर है। मध्य प्रदेश में 19 लाख से अधिक पात्र नागरिकों को बेहतर इलाज मिला है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+