MP News: मध्य प्रदेश के सांसद और विधायक लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमि पूजन करेंगे। इसके लिए सांसदों को 50 करोड़ और विधायकों को 15 करोड रुपए तक के प्रस्ताव देने के लिए कहा गया है। अगले महीने 12 या 13 फरवरी को विधानसभा में प्रस्तुत होने वाले वर्ष 2024-25 के लेखानुदान में प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वह प्रस्तावों को आगामी वित्तीय वर्ष की कार्य योजना में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करें।
प्रदेश के ज्यादातर सांसद और विधायक विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले अपने क्षेत्र की विकास निधि का उपयोग कर चुके हैं। चुनाव के दौरान प्रत्याशियों ने जनता से कई वादी भी किए हैं। विधायकों को विधायक निधि तो नए वित्तीय वर्ष में मिलेगी। लेकिन इसके पहले लोकसभा चुनाव होंगे। इसे ध्यान में रखते हुए भाजपा सरकार ने सांसद और विधायकों से निर्वाचन क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। ताकि आचार संहिता लागू होने से पहले भूमि पूजन के कार्यक्रम हो सके।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सांसदों से 50 करोड़ और विधायकों से 15 करोड़ रुपए तक के कामों के प्रस्ताव देने के लिए बोला गया है। इसमें सड़क, पुल, पुलिया, सामुदायिक भवन सहित अन्य निर्माण कार्यों के प्रस्ताव प्राथमिकता से लिए जाएंगे। सरकार का जोर पूंजीगत व्यय बढ़ाने पर है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं।
प्रदेश के निर्माण विभागों के अधिकारियों से कहा गया है कि वह सांसद और विधायकों के माध्यम से मिलने वाली प्रस्तावों को आगामी वर्ष की कार्य योजना में प्राथमिकता दें। लोक निर्माण विभाग ने तो आश्वस्त भी कर दिया है कि जो प्रस्ताव मिलेंगे। उनका तकनीकी परीक्षण कराकर एक साथ निविदा आमंत्रित कर ली जाएगी।


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