MP News: डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला शुक्रवार 16 फरवरी को रीवा पहुंचे। यहां एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत 158 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से तैयार हुए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रीवा में अब कोयला, पानी, सोलर के बाद कचरे से भी बिजली बनाई जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि नगरीय निकायों से निकलने वाले कचरे का निष्पादन कर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। कहा कि कचरे के निष्पादन से जहां बिजली पैदा होगी, वहीं दूसरी ओर अपशिष्ट प्रबंधन के तहत रीवा व विन्ध्य को साफ सुथरा बनाने का संकल्प भी पूरा होगा।

डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि इस संयंत्र से रीवा संभाग के 28 नगरीय निकायों का कचरा बिजली बनाने के काम में आएगा। कहा कि शहरों को साफ-सुथरा बनाने में जागरूकता के साथ-साथ अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी आवश्यकता होती है। इस अत्याधुनिक संयंत्र से ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन होगा और इसकी चिमनी से जो धुंआ निकलेगा वह भी किसी भी प्रकार से हानिकारक नहीं होगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि बीमारी को रोकने में स्वच्छता की सबसे बड़ी जरूरत होती है। सभी नागरिक शहर व गांव को स्वच्छ रखने में समवेत हों और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रीय आंदोलन के संकल्प को पूरा करने में भागीदार बनें। उल्लेखनीय है कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की क्षमता 350 टन प्रति दिवस है।
कचरे से बिजली उत्पादन के बाद राख का पुन: उपयोग होगा तथा कचरे के जलने से उत्पन्न होने वाली हानिकारक गैसों को पूर्ण रूप से निष्पादन कर वायुमण्डल में छोड़ा जाएगा। यह अत्याधुनिक प्लांट देश का 9वां प्लांट है जो अपशिष्ट को निष्पादित कर बिजली उत्पादन के साथ स्वच्छ भारत के संकल्प को पूरा करेगा।


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