Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 75वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा राज्य सरकार न केवल नई सिंचाई क्षमता निर्मित कर रही है, बल्कि उपलब्ध सिंचाई क्षमता का भी भरपूर उपयोग सुनिश्चित कर रही है। इस दौरान सीएम यादव ने बताया कि ग्वालियर में 13 करोड़ रुपए की लागत से पहली हाईटेक फ्लोरीकल्चर नर्सरी स्थापित की जा रही है।
सीएम यादव ने कहा कि नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा निमाड़ विकास पथ, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, मध्य भारत विकास पथ, रिंग रोड, बायपास, रोप-वे, फ्लाईओवर, रेल ओवर ब्रिज एवं एलिवेटेड कॉरिडोर आदि का मिशन मोड में निर्माण कर मध्यप्रदेश को सड़कों की दृष्टि से स्वर्णिम युग में पहुंचाया जाएगा।

सांची सोलर सिटी की स्थापना के बाद अब 5 प्रमुख पर्यटन शहरों को सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य है। प्रदेश की रीवा सोलर पार्क परियोजना को पीएम मोदी की, "अ बुक ऑफ इनोवेशन" में स्थान मिला है। विश्व की सबसे बड़ी ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना की तर्ज पर 250 मेगावॉट की बिरसिंहपुर फ्लोटिंग सौर परियोजना लगभग एक हाजर 800 करोड़ रुपये के निवेश से क्रियान्वित करने का लक्ष्य है।
राज्य सरकार न केवल नई सिंचाई क्षमता निर्मित कर रही है, बल्कि उपलब्ध सिंचाई क्षमता का भी भरपूर उपयोग सुनिश्चित कर रही है। बुंदेलखंड की जीवन-रेखा कही जाने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रथम चरण का निर्माण इस वर्ष प्रारंभ कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास-पथ को हमारे किसान भाई-बहनों ने अपने खून-पसीने से सींचा है।
उनके परिश्रम का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश आज देश के दालों में उत्पादन में पहले, खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे और तिलहन उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। डिंडोरी में श्रीअन्न अनुसंधान संस्थान, उज्जैन में चना अनुसंधान संस्थान और ग्वालियर में सरसों अनुसंधान संस्थान की स्थापना से इन फसलों की देशी किस्मों के संरक्षण और नई किस्मों के विकास की नई राहें खुलेंगी।
राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए से भी अधिक की नई रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना लागू कर दी गई है। इसके अंतर्गत श्रीअन्न उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। साथ ही, फसल उत्पादन, भण्डारण, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, उपार्जन, ब्राण्ड बिल्डिंग के साथ वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। ग्वालियर जिले में 13 करोड़ रुपए की लागत से मध्यप्रदेश की पहली हाईटेक फ्लोरीकल्चर नर्सरी स्थापित की जा रही है।


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