सिकलीगर समाज के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मोहन सरकार अलग-अलग कदम उठा रही है, जहां स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन की ओर से लगातार सीख लेकर समाज के युवाओं के लिए रोजगार मिले भी आयोजित किया जा रहे हैं, तो वहीं सिकलीगर युवाओं को स्वरोजगारों से जोड़ा जा रहा है।
सिकलीगर समाज के युवाओं को शस्त्र एवं हथियार निर्माण के दलदल से बाहर निकालकर उन्हें रोजगारमूलक गतिविधियों से जोड़कर समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए पहल की जा रही है।

खरगोन में सिकलीगर समुदाय के युवाओ को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद सभागृह पुराना कलेक्ट्रेट खरगोन में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में कुल 25 युवाओं द्वारा पंजीयन कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा सिकलीगर समुदाय के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
इसी कड़ी में रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। जिला रोजगार अधिकारी प्रीतिबाला सस्ते ने बताया कि, रोजगार मेले में रोजगार विभाग सहित एनआरएलएम, उद्योग विभाग, आर सेटी द्वारा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर सिकलीगर समुदाय के युवाओं को विस्तृत जानकारी दी गयी।
सिकलीगर समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि खरगोन, धार, बड़वानी एवं बुरहानपुर जिलों में उनकी समाज की आबादी लगभग 10 हजार है। उनके समाज का पारंपरिक रूप से हथियार निर्माण का व्यवसाय रहा है। लेकिन अब समय बदल गया है और उनका समाज अपराध के इस दलदल से बाहर निकलकर रोजगार की गतिविधियों से जुड़ना चाहता है और समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहता है।
सिकलीगार समाज प्रमुख तौर पर मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल में निवास करता है, यही कारण है की निमाड़ अंचल में प्रशासन की ओर से सिकलीगर समाज के युवाओं के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे हैं.
ये भी पढ़े- MP News: लाड़ली बहना के खाते में 1 मार्च को आएगी किश्त, क्या बढ़कर मिलेंगे पैसे, जानिए


Click it and Unblock the Notifications