केंद्र सरकार ने नीलामी के जारिए ओडिशा समेत अन्य राज्यों में 20 अहम और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों के लिए खनन पट्टे (ML) और समग्र पट्टे (CL) के अनुदान के लिए बोलियां आमंत्रित की थी। माइन्स मंत्रालय ने परफॉर्मेंस सिक्योरिटी पर एक सीमा लगाने का प्रस्ताव दिया है। ऐसी बोली प्रक्रिया में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और अग्रिम राशि के लिए किया है।

वर्तमान समय में खजिनों के कॉर्मशियनल प्रयोग लिए सफल बोलीदाताओं (bidders) को परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और अग्रिम राशि का भुगतान अनुमानित संसाधनों के मूल्य का 0.5 प्रतिशत करना पड़ता है, जो बहुत अधिक है और अधिक बोलीदाताओं की भागीदारी के लिए बाधा के रूप में कार्य कर रहा है।
एक अधिकारी ने नीलामी प्रक्रिया मंत्रालय ने खनिज (नीलामी) नियम, 2015 में संशोधन की आवश्यकता को उचित ठहराते हुए कहा परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और अग्रिम राशि की इतनी बड़ी आवश्यकता नीलामी प्रक्रिया में बोलीदाताओं की भागीदारी को कम कर देगी।
नीलामी नियमों के अंतर्गत खनन पट्टे की नीलामी के लिए निवल मूल्य की आवश्यकता 200 करोड़ रुपये तक सीमित है और खनन और समग्र लाइसेंस की नीलामी के लिए बोली सुरक्षा राशि 50 करोड़ रुपये तक सीमित है। हालांकि वर्तमान में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और अग्रिम राशि के लिए कोई सीमा नहीं है।
मंत्रालय ने 26 दिसंबर को खनिज (नीलामी) तीसरे संशोधन नियम, 2023 का मसौदा जारी करते हुए 10 जनवरी, 2024 तक प्रस्तावित संशोधनों के बारे में राज्य सरकारों और खनन उद्योग के हितधारकों से विचार और सुझाव मांगे हैं। मंत्रालय ने निविदाएं आमंत्रित की हैं।
केंद्र ने खनन पट्टे के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और अग्रिम राशि को 500 करोड़ रुपये तक सीमित करने का प्रस्ताव दिया है! इसके अलावा लाइसेंस के तहत डिस्पले सिक्योरिटी के लिए यह 250 करोड़ रुपये है। इसके अलावा केंद्र ने प्रस्तावित संशोधनों पर राज्यों और हितधारकों से 10 जनवरी तक विचार और सुझाव मांगे हैं।


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