ओडिशा सरकार प्रदेश के सभी जिलों में बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना नाबिन कार्ड को लेकर जागरुकता फैलाने के अभियान को तेज करने जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों को 5 लाख रुपए तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाता है। वहीं महिला सदस्यों को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस बीमा मुहैया कराया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सीडीएमओ को निर्देश दिया है कि नए स्वास्थ्य कार्ड को अधिक से अधिक लोगों तक प्रचारित किया जाए और इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित ना रहे। लोगों के पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख को 26 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि सीडीएमओ को ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य कार्ड के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने की जरूरत है। उनसे कहा गया है कि वह फंड को लेकर अपनी मांग को आगे रख सकते हैं। साथ ही वह प्रदेश स्वास्थ्य आश्वासन सोसाइटी यानि एसएचएएस को के सामने अपनी मांगों को रख सकते हैं। इस योजना के तीसरे चरण में 14 लाख परिवारों को इस नबिन कार्ड से जोड़ा जाएगा। अबतक केवल 3.46 लाख परिवारों की ओर से इस कार्ड के लिए आवेदन किया गया है, जिसमे 9.7 लाख परिवार के सदस्य कवर हैं।
प्रदेश में सबसे अधिक 49500 आवेदन गंजम से प्राप्त किए गए हैं, जबकि कटक में 28794, खुर्दा में 26825, भद्रक से 23042, बालासोर से 22570, पुरी से 20744, केंद्रपाड़ा से 19578 और नयागढ़ से 14947 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं जगतसिंहपुर से 15248, जाजपुर से 14061, बरगढ़ से 14569, सुंदरगढ़ से 12349, अंगुल से 12397 और ढेंकनाल से 11880 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग की ओर से नियमित सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारकों और आयकर देने वालों को छोड़कर हर ग्रामीण परिवार से अपील की गई है कि वह गंभीर बीमारियों का इलाज कराने के लिए प्रदेश के अंदर और बाहर के कैशलेस अस्पतालों का लाभ ले सकते हैं।


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