Maharishi Valmiki Airport: महर्षि वाल्कमीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के पहले चरण में 1450 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 6500 वर्गमीटर बनाया गया है, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों की सुविधा की हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें कुल 9 चेक- इन काउंटर हैं, तीन कन्वेयर बेल्ट और पांच एक्स-बीआईएस मशीनें लगाई गई हैं। टर्मिनल शहर की ओर वाले हिस्से को दिव्यांगजनों की सुविधा, कार और बस पार्किंग की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
भारतीय वायु प्राधिकरण (AAI) के चेयरमैन संजीव कुमार के मुताबिक अयोध्या एयरपोर्ट को रिकॉर्ड 20 महीने में बनाकर तैयार किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई को उन्होंने बताया, "अयोध्या के लिए एयर कनेक्टिविटी काफी अहम है. अब हवाई मार्ग के जरिए भी यात्री एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं।

एयर अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक एयरपोर्ट का टर्मिनल फिलहाल छोटा है। इसका भविष्य में विस्तार किया जाएगा। एयरपोर्ट के कारण यात्री श्री राम मंदिर के अलावा राम की पैड़ी, हनुमान गढ़ी, नागेश्वर नाथ मंदिर, बिड़ला मंदिर आदि भी जा सकते हैं।"
350 करोड़ रुपए लागत
अयोध्या एयरपोर्ट को लेकर जारी प्रेस रिलीज में केंद्र सरकार ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट के निर्माण की लागत 350 करोड़ रुपए है, जिसमें टर्मिनल बिल्डिंग, ATC टावर, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और शहर के आस-पास के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी शामिल है। केंद्र ने बताया कि टर्मिनल एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2200 मीटर है। एयरपोर्ट से A-321 टाइप एयरक्राफ्ट का परिचालन किया जा सकता है। इसके अलावा एक एप्रन का भी निर्माण किया गया है, जहां ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट (GSE) क्षेत्र के साथ दो लिंक टैक्सीवे और आठ A321 प्रकार के विमानों की पार्किंग की जा सकेगी।


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