महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार लंबे हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने 2900 किलोमीटर से अधिक लंबे राज्य राजमार्गों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के साथ उपलब्ध कराने के लिए छह निविदाएं जारी की हैं। जिनमें 840 किलोमीटर ब्लैक स्टॉप (दुर्घटनाग्रस्त) भी शामिल है।

इसमें महाराष्ट्र के राज्य परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने इसके बारे में बताया कि .मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-नासिक-नागपुर समृद्धि महामार्ग शामिल होंगे। इन्हें दुर्घटनाओं की उच्च दर के कारण चुना गया है। आईटीएमएस जल्द ही सड़क सुरक्षा में सुधार और उल्लंघन कम करने के लिए टैक्नालॉजी का उपयोग करने जा रहा है।
आईटीएमएस में एक adaptive traffic control system (एटीसीएस) से लेकर कई विशेषताएं होंगी, जो अत्याधुनिक कंट्रोल रूम से लेकर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान ( automatic number plate recognition) तक उल्लंघनों का प्रबंधन करने के लिए एक कमांड सेंटर स्थापित करेगी, जिसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले कैमरे होंगे।
उस नंबर को पढ़ने के लिए जिस पर वाहन रजिस्ट्रेशन है और कार और उसके मालिक के बारे में सभी विवरण प्राप्त करने के लिए रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) जो लाल बत्ती को नजरअंदाज करने वाले वाहनों को पहचानता है और पकड़ता है।
राज्य परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने बताया महाराष्ट्रर में छह प्रमुख राजमार्गों के लिए हैं जो 2,100 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी और अन्य तीन निविदाएं शेष 840 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी जिसमें कई ब्लैक स्पॉट होंगे। हम सभी ब्लैक स्पॉट को कवर कर लेंगे और मौतों को काफी हद तक कम कर देंगे। और 2030 तक, विभाग का लक्ष्य अब की तुलना में 50% अधिक मृत्यु दर को कम करना है।


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