हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बाकी राज्यों को पछाड़ कर महाराष्ट्र अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नीति लाने वाला पहला राज्य होने के नाते महाराष्ट्र को जानी मानी 7 अग्रणी कंपनियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है इसके साथ ही भारी निवेश और रोजगार सृजन मिला है।

डिप्टी सीएम ने बताया कि 910 केटीपीए हरित ऊर्जा बनाने के लिए 7 कंपनियों के साथ ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए 2,76,300 करोड़ का समझौता ज्ञापन साइन हो चुके हैं। उन्होंने बताया इससे महाराष्ट्र में 63,900 रोजगार का सृजन होगा।
उन्होंने बताया कि ग्रीन हाइड्रोजन नीति लागू लाने वाले महाराष्ट्र को अग्रणी कंपनियों की प्रतिक्रिया मिली जिसके बाद उन्होंने भारत निवेश किया है, जिसकी बदौलत राज्य को रोजगार सृजन भी मिला है।
डिप्टी सीएम फडणवीस ने कहा 7 कंपिनियों के साथ 2,76,300 करोड़ का समझौता ज्ञापन साइन होने के अवसर पर
मुझे ख़ुशी है कि इस तकनीक के प्रमुख हितधारक भविष्य की टिकाऊ ऊर्जा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में हमारे साथ शामिल हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एककनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पोस्ट के जरिए जिन 7 अग्रणी कंपनियों ने महाराष्ट्र ने निवेश करने के लिए समझौता ज्ञापन किया उन कंपनियों के नाम भी बताए।
इसमें नटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड है जिसका कुल निवेश 80,000 करोड़ है जिससे 12,000 रोजगार सृजन होगा।
एसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड कुल निवेश 15,000 करोड़ रुपये का किया है जिससे 11,000 रोजगार सृजन होगा।
अवाडा ग्रीन हाइड्रोजन प्रा. लिमिटेड और बाफना सोलर एंड इंफ्रा प्रा. लिमिटेड ने कुल निवेश ₹50,000 करोड़ किया है और 8900 रोजगार सृजन होगा।
रीन्यू ईफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड ने कुल निवेश 66,400 करोड़ रुपये किया है जिससे 27,000रोजगार सृजन होगा।
वेलस्पन गोदावरी GH2 प्रा. लिमिटेड ने कुल निवेश 29,900 करोड़ रुपये का किया है। जिससे 12,200 रोजगार सृजन होगा ।
आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्रा. लिमिटेड ने कुल निवेश 25,000 करोड़ रुपये का किया है इससे 300 रोजगार सृजन होगा।
एल एंड टी ग्रीन एनर्जी टेक लिमिटेड ने कुल निवेश 10,000 करोड़ किया है और 100 रोजगार सृजन होगा।


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