Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश ने ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूती से कदम आगे बढ़ाए हैं। पिछले एक दशक के भीतर यहां बीजेपी सरकार ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने इसी क्रम को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। एमपी सरकार ने इस बीच विद्युत कंपनियों ने विद्युत व्यवस्था और विद्युत प्रणाली की मजबूती देने पर फोकस किया है। कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में उर्जा खपत के मुताबिक बिजली उत्पादन को लेकर अहम कदम उठाए गए हैं।
मध्य प्रदेश में रोजाना किसानों को 10 घंटे और आम लोगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में विद्युत उपलब्ध क्षमता 21840 मेगावाट हो चुकी है। वहीं आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश-2023 के अंतर्गत भविष्य की विद्युत मांग की आपूर्ति करने के लिए पारेषण प्रणाली के विस्तार के लिए टैरिफ आधारित निविदाओं के माध्यम से हाई प्रैशर सब स्टेशनों एवं उससे संबंधित लाइनों के निर्माण कार्य को शामिल किया गया है।

एमपी में एक दिन के भीतर 17586 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। मध्य प्रदेश ने विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में एक और कदम बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 के बचे महीनों में 1007 मेगावाट और 2024-25 के दौरान 5008 मेगावाट विद्युत उपलब्ध क्षमता बढ़ाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
वहीं पिछले वर्ष 2022-23 में वितरण कंपनियों को 8082 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई थी, जबकि 2023-24 के बजट में 4690 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया। योजना के तहत करीब 103 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह लाभ मिल रहा है।
मोहन यादव सरकार ने उपभोक्ताओं के हित में कई योजनाएं शुरू की हैं। अटल गृह ज्योति योजना के तहत मासिक खपत 150 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को लाभ दिया जा रहा है। पात्रों को पहली 100 यूनिट के लिए सिर्फ 100 रुपए का ही बिल देना होता है। जबकि अनुसूचित जाति/जनजाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को प्रतिमाह 25 रुपए चार्ज पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
SC व ST वर्ग के किसानों को निशुल्क बिजली
सीएम मोहन यादव सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को निःशुल्क बिजली दे रही है। इस स्कीम का 5 हार्सपावर तक के कृषि पंप वाले करीब 9.36 लाख कृषि उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने स्कीम के तहत कंपनियों को वर्ष 2022-23 में 4997 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई और वर्ष 2023-24 में इसके लिये 5775 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।


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